अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा चाक चौबंद, 10 दिशाओं से ट्रंप पर रहेगी सुरक्षा एजेंसियों की नजर

जिस वक्त ट्रंप अहमदाबाद में होंगे, उस समय उनकी सुरक्षा के लिए करीब 14 हजार सुरक्षा बल काम कर रहे होंगे. जमीन, आसमान और जल हर जगह से डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी.
Security of US President Donald trump, अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा चाक चौबंद, 10 दिशाओं से ट्रंप पर रहेगी सुरक्षा एजेंसियों की नजर

अहमदाबाद में सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्लेन एयर फोर्स 1 लैंड करेगा. ट्रंप के स्वागत के लिए पूरा अहमदाबाद सजाया जा चुका है. मोटेरा स्टेडियम भी पूरी तरह से तैयार है और छावनी में तब्दील हो चुका है. सुरक्षा के इंतजाम इतने सख्त हैं कि परिंदा भी बिना इजाजत पर नहीं मार सकता है.

जिस वक्त ट्रंप अहमदाबाद में होंगे, उस समय उनकी सुरक्षा के लिए करीब 14 हजार सुरक्षा बल काम कर रहे होंगे. जमीन, आसमान और जल हर जगह से डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी. दावा किया जा रहा है कि ट्रंप की सिक्योरिटी को लेकर भारत में अब तक के सबसे बेहतरीन इंतजाम हैं, लेकिन खास बात ये है कि प्रेसिडेंट ट्रंप के दौरे की तैयारी दिनों या हफ्तों पहले शुरू नहीं होती बल्कि उनके हर विदेश दौरे के लिए 3 महीने पहले से ही तैयारियां हो जाती हैं. एक फुलप्रूफ प्लान तैयार होता है. उसके बाद ही ट्रंप हिलते हैं.

अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की टीम स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर प्लान बनाती हैं. पुलिस, सीक्रेट एजेंसी और एडमिनिस्ट्रेशन साथ काम करते हैं. सीक्रेट सर्विस एजेंट ही हर सेफ लोकेशन तय करते हैं. राष्ट्रपति को जिनसे खतरा है उनकी पहचान भी की जाती है. इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से सोशल मीडिया पर भी नजर होती है. ग्राउंड सिक्योरिटी रिपोर्ट पर सबसे ज्याद ध्यान दिया जाता है.

इसी ग्राउंड सिक्योरिटी रिपोर्ट के तहत इस वक्त भी ट्रंप की सुरक्षा एक बख्तरबंद किले के रूप में की गई है. हर उस जगह पर सुरक्षाबल तैनात है, जहां से ट्रंप नजर आएंगे या उन्हें देखने वाले गुजरेंगे. रास्ते में भी इसी ग्राउंड सिक्योरिटी की चेन होगी. राष्ट्रपति ट्रंप जहां भी जाएंगे वहां की रिपोर्ट तैयार है. रिपोर्ट के आधार पर ही उनकी काफिला कवर होता है. पुलिस की ग्राउंड रिपोर्ट सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी परखती है.

जिस-जिस रास्ते से ट्रंप को गुजरना है उनपर सैटेलाइट के जरिए नजर रखी जाती है. इस सिक्योरिटी में अमेरिकन सीक्रेट एजेंट भी शामिल हैं. एजेंट्स की जानकारी लोकल सिक्योरिटी को भी नहीं होती है. अमेरिकन फोर्स के अलावा ये जानकारी NSA को होती है.

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