बिस्किट बना 12 साल के बच्चे की मौत की वजह

स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचना देने की जगह छात्र के मृत शरीर को कैंपस में ही दफना दिया.

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के एक बोर्डिंग स्कूल में 12 साल के छात्र वासू यादव को बिस्किट चुराने की सजा में अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. दरअसल उसके सिनियर्स ने उसे बिस्किट चुराने को लेकर इतना पीटा के उसके प्राण ही निकल गए. पुलिस ने बुधवार को इस घटना के बाद बोर्डिंग स्कूल के दो छात्रों और तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है.

उत्तर प्रदेश के हापुड़ का रहने वाला वासू देहरादून के बोर्डिंग स्कूल की सातवीं कक्षा में पढ़ता था. जिसे 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने स्टंप और बैट से पीटा और बाद में इन्हें वासू के जख्मी शरीर के पास छोड़ कर चले गए. इसके बाद जब छात्र को अस्पताल ले जाया गया तो वहां मौजूद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि छात्र के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान हैं जो उसकी मौत का कारण भी हैं.

छात्र की मौत के बाद स्कूल प्रशासन पर उसकी मौत को दबाने का आरोप भी लग रहा है. प्रशासन ने छात्र के मृत शरीर को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की जगह स्कूल के कैंपस में ही दफन कर दिया. पुलिस ने हॉस्टल मैनेजर, वॉर्डन और स्पोर्ट्स टीचर पर इस मामले में सबूत मिटाने की धाराएं लगाते हुए मामला दर्ज कर लिया है.

देहरादून एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि इस मामले में साफ तौर पर स्कूल प्रबंधन की ही चूक हुई है. प्रबंधन न तो छात्र को सही समय पर अस्पताल ले गया और पुलिस को सूचित किए बिना ही शव को दफन कर दिया.