सीरो सर्वे: तीसरे चरण में 25.1% दिल्लीवासियों में मिली कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) ने बताया कि पहला सर्वे आईसीएमआर (ICMR) के साथ मिलकर हुआ था, जिसमें जिलावार सैंपल लिए गए थे. सभी 11 जिलों से सैंपल लिया गया था. दूसरा सर्वे भी इसी तरह हुआ.

कोरोना के रोज़ाना के आंकड़ों में गिरावट (file photo)

राजधानी दिल्ली (Delhi) में 1 से 5 सितंबर के बीच सीरो सर्वे (Sero Survey) कराया गया था. ये सीरो सर्वे का तीसरा चरण था. सीरो सर्वे में ब्लड सैंपल (Blood Sample) के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि कितनी आबादी को कोरोना (Corona) हुआ, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी और उनके शरीर में एंटीबॉडी बन चुके हैं. तीसरे चरण के सर्वे के लिए कुल 17 हजार सैंपल लिए गए थे.

दिल्ली का उत्तर पश्चिमी जिला सबसे ज्यादा कोरोना से प्रभावित मिला है. यहां पर 31.8 फीसदी लोगों में एंटीबॉडीज मिले हैं. यानी इतनी संख्या में लोगों को कोरोना हुआ और ठीक हो गए लेकिन इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी.

दिल्ली के किस इलाके में कितनी आबादी कोरोना संक्रमित-

उत्तरी दिल्ली – 24.1 फीसदी,
नई दिल्ली – 18.6 फीसदी,
उत्तर पश्चिमी दिल्ली – 31.8 फीसदी,
दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली – 14.6 फीसदी
पश्चिमी दिल्ली – 27.9 फीसदी
दक्षिण पूर्वी दिल्ली – 27 फीसदी
दक्षिणी दिल्ली – 30.1 फीसदी
शाहदरा – 28.7 फीसदी
पूर्वी दिल्ली – 31.1 फीसदी
उत्तर पूर्वी दिल्ली – 12.2 फीसदी
सेंट्रल दिल्ली – 21.7 फीसदी.

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पिछले चरणों के सर्वे से तुलना में संक्रमण कम

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि पहला सर्वे आईसीएमआर के साथ मिलकर हुआ था, जिसमें जिलावार सैंपल लिए गए थे. सभी 11 जिलों से सैंपल लिया गया था. दूसरा सर्वे भी इसी तरह हुआ. लेकिन इस बार दिल्ली को हमने 280 भागों में बांटा और वार्ड के स्तर के सैम्पल इकट्ठे किए. इसी कारण सर्वे की रिपोर्ट में अंतर आया है. इस सर्वे में Geographical Aspect ज्यादा सही तरीके से सामने आया है.

उम्र के हिसाब से एंटीबॉडी

18 साल से कम के 26.7 फ़ीसदी, 18 से 49 साल के बीच के 24.2 फीसदी और 50 से ज्यादा उम्र के 26.3 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली है. उम्र के हिसाब से एंटीबॉडी की मौजूदगी में ज्यादा अंतर नहीं है, पिछली बार भी कुछ प्वाइंट्स का ही अंतर था.

हर्ड इम्युनिटी

क्या दिल्ली हर्ड इम्यूनिटी की तरफ बढ़ चली है? इस सवाल के जवाब में सत्येंद्र जैन कहते हैं कि हर्ड इम्युनिटी की बात वैज्ञानिक ही बता पाएंगे. जैसे अभी के 25 फीसदी के हिसाब से देखें, तो दिल्ली हर्ड इम्युनिटी से बहुत दूर है. हर्ड इम्युनिटी के लिए 40 से 60 फीसदी आबादी में एंटीबॉडी जरूरी है.

अगला सर्वे

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम अगले सीरो सर्वे भी वार्ड के स्तर पर ही करेंगे. अगला सर्वे 10-15 दिनों में होगा.

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