अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाखुश शंकराचार्य, कहा- अब ट्रेन में लड़ेंगे लोग

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद बनाने का भी आदेश दिया है. ऐसे में अब अयोध्या में मंदिर भी बनेगा और मस्जिद भी. शंकराचार्य स्वामी का कहना है कि ऐसा होने से अब वहां जाने वाले लोग रेल में ही झगड़ा कर लेंगे.

अयोध्या मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सभी 19 पुनर्विचार याचिका रद्द कर दीं. ऐसे में कई याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दुख जाहिर किया है. वहीं शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी राम जन्म भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए है. उनका कहना है कि अयोध्या में मुस्लिमों को 5 एकड़ जमीन देना न्यायसंगत नहीं है.

स्वरूपानंद सरस्वती ने विवादित अयोध्या मसले का शांतिपूर्ण हल निकाले जाने के पीएम मोदी के बयान पर भी सवाल उठाए हैं. साथ ही फैसले पर अपनी असंतुष्टी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि हम फैसले से संतुष्ट नहीं हैं. अगर हम फैसले से संतुष्ट होते तो पुनर्विचार याचिका क्यों दाखिल करते. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद बनाने का भी आदेश दिया है. ऐसे में अब अयोध्या में मंदिर भी बनेगा और मस्जिद भी. शंकराचार्य स्वामी का कहना है कि ऐसा होने से अब वहां जाने वाले लोग रेल में ही झगड़ा कर लेंगे.

उन्होंने कहा कि दो संप्रदाय जिनकी पूजा पद्दति बेहद अलग हो, उन्हें एक जगह करना कैसे सही हो सकता है. इसी के साथ शंकराचार्य ने कुछ मांगें भी उठाई हैं. उन्होंने मांग की है कि राम मंदिर के साथ राम लला ट्रस्ट बनाया जाए, जिसमें उन्हें बैठाया जाए. उनका कहना है कि हम अपनी परंपरा के अनुसार मंदिर में मूर्ति तय करेंगे.

स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि इलाहाबाद में RSS की बैठक में तीन पुतले लगाए गए थे. जिसमें बीच में राम, एक तरफ विवेकानंद तो दूसरी तरफ अंबेडकर थे. ऐसे में स्वरूपानंद सरस्वती ने सवाल किया कि सीता और लक्ष्मण हटा दिए गए हैं. अगर सीत और लक्ष्मण हटा दिए गए तो क्या यह देश की जनता को मंजूर होगा.

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