शरद पवार का खुलासा, राफेल के कारण पर्रिकर ने दिया था रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा

राफेल डील को लेकर विपक्षी पार्टियां केंद्र की मोदी सरकार को घेरे हुए है. इन राजनीतिक दलों का कहना है कि मोदी सरकार ने अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए राफेल डील में गड़बड़ी और घोटाला किया है.

मुंबई: नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष शरद पवार ने राफेद डील को लेकर एक बहुत बड़ी बात कह दी है. शरद पवार का कहना है कि राफेल फाइटर जेट डील को लेकर पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर नाखुश थे और इसलिए ही वे इस्तीफा देकर वापस गोवा लौट गए थे.

कोलाहपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए शरद पवार ने कहा, “राफेल डील मनोहर पर्रिकर को स्वीकार नहीं थी, इसलिए वे रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देकर वापस गोवा लौट गए थे.”

राफेल डील को लेकर विपक्षी पार्टियां केंद्र की मोदी सरकार को घेरे हुए है. इन राजनीतिक दलों का कहना है कि मोदी सरकार ने अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए राफेल डील में गड़बड़ी और घोटाला किया है.

बता दें कि साल 2014 में जब बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार सत्ता में आई थी तो मनोहर पर्रिकर को रक्षा मंत्री का कार्यभार सौंपा गया था. 2017 में वे रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देकर वापस अपने होम टाउम गोवा लौट गए थे. इसके बाद 14 मार्च, 2017 को उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. वहीं लम्बी बीमारी के बाद मनोहर पार्रिकर 17 मार्च, 2019 को जिंदगी की जंग हार गए और सबको अलविदा कहकर चले गए.

वहीं शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “बीजेपी अपने फायदे के लिए देश की महत्वपूर्ण संस्थाओं का इस्तेमाल कर रही है.”

इसके साथ ही शरद पवार ने सेना का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया. शरद पवार ने कहा कि बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी राजनीति के लिए सेना का इस्तेमाल करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को सेना का इस्तेमाल राजनीति में नहीं करना चाहिए.