PM मोदी को वह सम्मान मिले जो एक लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री का हक है: शशि थरूर

शशि थरूर ने कहा कि हम उनकी राजनीति पसंद करें या नहीं, फिर भी वह देश के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने शनिवार को पुणे अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में शिरकत की. इस दौरान शशि थरूर ने कहा, ‘मैं घरेलू मुद्दों पर सरकार पर निशाना साधता रहूंगा, लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय स्थिति की बात आती है तो मुझे लगता है कि कश्मीर मुद्दे पर भारत की निंदा के लिये पाकिस्तान सबसे अयोग्य है.

‘यह भारत की विदेश नीति है’

उन्होंने कहा, “जब देश की विदेश नीति की बात आती है तो राजनीतिक दलों के बीच मतभेद मायने नहीं रखते. मैं एक निहित संदेश बाहर भेजना पसंद करूंगा. देश के अंदर हमारे बीच भले मतभेद हों लेकिन जब बात भारत के हितों की आती हैं तब यह भाजपा की विदेश नीति या कांग्रेस की विदेश नीति नहीं रहती. यह भारत की विदेश नीति है.”

‘लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री’

PM मोदी के बारे में थरूर ने कहा कि ‘उन्हें वह मिलना चाहिए जिसका एक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री हकदार है. हम उनकी राजनीति पसंद करें या नहीं, फिर भी वह देश के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं. जब वह विदेश जाते हैं तो भारत के प्रधानमंत्री हैं और वह हमारा झंडा (राष्ट्रीय ध्वज) ले जाते हैं. मैं चाहता हूं कि उसी सम्मान के साथ उनकी अगवानी और व्यवहार हो जिसके हकदार मेरे देश के प्रधानमंत्री हैं.’

‘मेरे लिए यह हिंदुत्व की मूल भावना’

हिंदुत्व को लेकर शशि थरूर ने कहा, “मैं राम की पूजा कर सकता हूं, मैं हनुमान चालीसा पढ़ता हूं, इसलिए मैं हिंदू हूं. लेकिन अचानक अगर कोई कहे कि मैं इनमें से कुछ नहीं करता और इसके बावजूद मैं हिंदू हूं तब वो दोनों सही हैं, और इसे बीजेपी और संघ परिवार नहीं समझ पाया है.”

उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं कि मेरा एक सच है और आप मानते हैं कि आपके पास सच है. मैं अपने सच का सम्मान करूंगा और कृपया मेरे सच का सम्मान कीजिए. मेरे लिए यह हिंदुत्व की मूल भावना है.”

 

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