राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद विधायकों से बोले उद्धव- धैर्य रखो, सरकार हमारी ही बनेगी

उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम अभी भी सरकार बना सकते हैं, हमें थोड़ा वक्त चाहिए. एनसीपी कांग्रेस से बात चल रही है. हमने राज्यपाल से सरकार बनाने की इच्छा जताई थी.

मुंबई: महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू (President Rule) होने के सभी पार्टियों ने बारी-बारी से प्रेस कॉन्फ्रेंस की. शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने मलाड के होटल रिट्रीट में शिवसेना विधायकों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे(Uddhav Thackeray)  ने कहा कि विधायकों को राष्ट्रपति शासन(President Rule) की चिंता नहीं करनी चाहिए.

उद्धव ने कहा कि राष्ट्रपति शासन की वजह से सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि उनकी कांग्रेस और एनसीपी से बात चल रही है, और उन्हें धैर्य रखना चाहिए. महाराष्ट्र की सरकार पर शिवसेना का दावा कायम है. उद्धव ने कहा कि राष्ट्रपति शासन शिवसेना को राज्य में सरकार बनाने से नहीं रोक सकता है.

उद्धव ने कहा कि अगले चार से पांच दिनों में वे राज्य के अकाल प्रभावित इलाकों के दौरे पर निकलेंगे. उन्होंने कहा कि सभी विधायक धैर्य रखें, इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा और जल्द ही महाराष्ट्र में शिवसेना सरकार बनाएगी.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम अभी भी सरकार बना सकते हैं, हमें थोड़ा वक्त चाहिए. एनसीपी कांग्रेस से बात चल रही है. हमने राज्यपाल से सरकार बनाने की इच्छा जताई थी. राज्यपाल ने हमें समय नहीं दिया. शिवसेना को समय की जरूरत है. हमारा सरकार बनाने का दावा अभी भी कायम है. बहुमत साबित करने के लिए 24 घंटे का वक्त कम है.

उन्होंने राष्ट्रपति शासन पर तंज कसते हुए कहा कि राज्यपाल महोदय इतने दयालु हैं कि हमें अब 6 महीने का वक्त दे दिया है. उद्धव ठाकरे ने कहा, “बीजेपी ने सीएम का पद हमें देने का वादा नहीं निभाया. उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि हम झूठे हैं.

हिंदुत्व हमारी आइडियोलॉजी है. राम ने अपना वादा निभाया. हम राम मंदिर चाहते हैं. वे अपना वादा नहीं निभा रहे, यह हिंदुत्व नहीं है. मैं अरविंद सावंत का धन्यवाद देता हूं. उन्होंने साबित कर दिया है कि वे एक शिवसैनिक हैं.”

उद्धव ठाकरे से जब हिन्दुत्व की विचारधारा से अलग होने पर सवाल किया गया तो उद्धव ठाकरे ने दो टूक कहा कि जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए बीजेपी पीडीपी के साथ किस आधार पर गई थी.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी नीतीश कुमार के साथ आई, चंद्रबाबू नायडू के साथ सरकार में रही, रामविलास पासवान भी साथ आए, वो ये जानना चाहते हैं कि ये नेता किस तरह से बीजेपी के साथ आए.