शिवसेना सांसदों को आवंटित हुई संसद में विपक्षी खेमे की सीट: प्रहलाद जोशी

शिवसेना सांसद और पार्टी के मुखपत्र सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत ने कहा कि NDA से शिवसेना का विभाजन अब केवल औपचारिकता भर है.

शिवसेना द्वारा नई दिल्ली में NDA के सहयोगियों की बैठक में हिस्सा नहीं लेने की घोषणा के एक दिन बाद, संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि शिवसेना सांसदों को संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की ओर से सीटें आवंटित की जाएंगी. संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है.

प्रल्हाद जोशी ने कहा कि ये फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि शिवसेना के इकलौते मंत्री ने इस्तीफा दे दिया था और यह पार्टी महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और NCP के साथ गठबंधन कर रही थी.

जोशी ने कहा, “शिवसेना के मंत्री ने NDA सरकार से इस्तीफा दे दिया है. वे आज NDA की बैठक में शामिल नहीं हुए और कांग्रेस और NCP के साथ गठबंधन कर रहे हैं. इसलिए यह स्वाभाविक है कि दोनों सदनों में उन्हें विरोधी पक्ष की सीटें आवंटित की जाएंगी.”

मोदी कैबिनेट में शिवसेना के इकलौते सांसद अरविंद सावंत ने बीजेपी पर महाराष्ट्र चुनाव में पावर शेयरिंग पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था.

NDA की बैठक के बारे में बोलते हुए शिवसेना के लोकसभा सांसद विनायक राउत ने कहा था कि पार्टी इसमें शामिल नहीं हुई क्योंकि उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था. “यह (NDA) बैठक का बहिष्कार करने का सवाल नहीं है. हमें बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया है और इसलिए हम नहीं गए. क्या हम अभी भी NDA के घटक हैं, यह बीजेपी को तय करना है. हमारे पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है कि हम NDA का हिस्सा नहीं हैं.”

हालांकि शिवसेना सांसद और पार्टी के मुखपत्र सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत ने कहा कि NDA से शिवसेना का विभाजन अब केवल औपचारिकता भर है. 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित किए जाने के बाद से बीजेपी और शिवसेना ने सीटों के बंटवारे के फार्मूले और महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के पद को लेकर आमने-सामने हैं. राज्य में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है.

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