आर्टिकल 370 हटाने पर बोली शिवसेना, आज जम्मू-कश्मीर लिया है कल बलूचिस्तान और PoK भी लेंगे

शाह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा होगी लेकिन लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी.

नई दिल्ली: शिवसेना ने जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया है.

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सदन के अंदर बिल का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अखंड भारत का सपना पूरा करेंगे.

उन्होंने कहा, “आज जम्मू एवं कश्मीर लिया है. कल बलूचिस्तान, पाक अधिकृत कश्मीर लेंगे. मुझे विश्वास है कि देश के प्रधानमंत्री अखंड हिंदुस्तान का सपना पूरा करेंगे.”

इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने का प्रस्ताव पेश किया. यह अनुच्छेद जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देता है.

प्रस्ताव के अनुसार, जम्मू एवं कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया जाएगा. इसमें जम्मू कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश रहेगा, वहीं लद्दाख दूसरा केंद्र शासित प्रदेश होगा.

शाह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा होगी लेकिन लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी. उन्होंने कहा कि यह कदम सीमा पार आतंकवाद के लगातार खतरे को देखते हुए उठाया गया है.

अमित शाह के बयान के बीच हंगामे के चलते सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई.

उन्होंने अलग से बयान देते हुए कहा कि सरकार ने जम्मू एवं कश्मीर को दो अलग केंद्र शासित राज्यों- जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने का संकल्प पेश किया.

उन्होंने कहा कि यह कदम सीमा पार आतंकवाद के बढ़ते खतरे को देखते हुए लिया गया है.

उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोग लंबे समय से उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग कर रहे थे और यह निर्णय स्थानीय जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लिया गया है.

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के सांसदों- नजीर अहमद लवाय और मीर मोहम्मद फैयाज ने संविधान की प्रतियां फाड़कर अपना विरोध जाहिर किया. जिसके बाद सभापति ने उन्हें सदन से जाने का आदेश दे दिया.

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती ने संविधान की धारा 370 को खत्म करने के मोदी सरकार के फैसले को ‘भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन’ बताया.

पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, “1947 में दो राष्ट्र के सिद्धांत खारिज करने और भारत के साथ मिलाने के जम्मू एवं कश्मीर नेतृत्व के फैसले का उल्टा असर हुआ. धारा 370 को भंग करने के लिए भारत सरकार का एकतरफा निर्णय गैरकानूनी और असंवैधानिक है.”

उन्होंने कहा, “उपमहाद्वीप के लिए इसके विनाशकारी परिणाम होंगे. भारत सरकार के इरादे स्पष्ट हैं. वे लोगों को आतंकित कर जम्मू एवं कश्मीर का क्षेत्र चाहते हैं. कश्मीर से किए वादे निभाने में भारत नाकाम रहा है.”