CAB राज्‍यसभा में पास, शिवसेना ने नहीं मानी कांग्रेस की नसीहत, वॉकआउट कर दिया समर्थन

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (CitizenshipAmendmentBill)बुधवार राज राज्‍यसभा में पास हो गया. इसके पक्ष में 125 और विपक्ष में 105 वोट पड़े. इस बिल पर बुधवार को दिल्‍ली में जिस वक्‍त डिबेट हो रही थी, उस समय महाराष्‍ट्र में सियासत गरम थी.

नई दिल्‍ली: नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (CitizenshipAmendmentBill) बुधवार राज राज्‍यसभा में पास हो गया. इसके पक्ष में 125 और विपक्ष में 105 वोट पड़े. इस बिल पर बुधवार को दिल्‍ली में जिस वक्‍त डिबेट हो रही थी, उस समय महाराष्‍ट्र में सियासत गरम थी. नौबत यहां तक आ गई कि कांग्रेस ने शिवसेना को संविधान का ख्‍याल रखने की नसहीत तक दे डाली.

महाराष्‍ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार में कैबिनेट मंत्री और वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता बाला साहेब थोराट ने कहा है, ‘हमारा देश संविधान से चलता है और यह संविधान समानता के सिद्धांत पर आधारित है. हम उम्मीद करते हैं कि राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर वोटिंग करते हुए इस बात को ध्यान रखेगी.’

थोराट के इस बयान पर शिवसेना की भी प्रतिक्रिया आई.

शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने थोराट के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि शिवसेना के पास अपनी विचारधारा है. नागरिकता संशोधन विधेयक पर जो भी शिवसेना फैसला करेगी, वह जनता के भले के लिए होगा. शिवसेना पर कांग्रेस का दबाव नहीं है.

बुधवार को दिन भर चली बयानबाजी के बाद जब

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पर वोटिंग का समय आया तो वही हुआ, जिसका कांग्रेस को डर था, शिवसेना ने राज्‍यसभा में वोटिंग के वक्‍त वॉकआउट करके बीजेपी की मदद कर दी.

बुधवार को राज्‍यसभा में जब वोटिंग हुई तो शिवसेना के तीन सांसद वॉक आउट कर गए. नागरिकता संशोधन बिल पर शिवसेना के रुख से सोनिया गांधी के नाराज होने की खबर कई मीडिया रिपोर्ट में सामने आई. यहां तक कहा गया कि कांग्रेस ने शिवसेना से दोटूक कह दिया है कि उसके लिए चार-पांच मंत्रालय कोई बड़ी बात नहीं है. मतलब उद्धव ठाकरे सरकार में उसे जो मंत्री पद मिले हैं, उनका कांग्रेस को लालच नहीं और वो सरकार गिरा भी सकती है.

कांग्रेस और शिवसेना के बीच चली इस जंग के बीच मंगलवार को शिवसेना के वरिष्‍ठ नेता मनोहर जोशी ने बेहद अहम बयान दिया. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी और शिवसेना साथ आ भी सकते हैं.

राज्‍यसभा में नागरिकता बिल पर वोटिंग से कुछ घंटे पहले ही बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटिल ने मुंबई में कहा, ”भाजपा और शिवसेना पिछले 30 वर्षों से नैसर्गिक सहयोगी हैं. उनका खून और हिंदुत्व एक है. दोनों दलों को साथ आना चाहिए और सरकार बनानी चाहिए, क्योंकि जनादेश इन्हीं दोनों दलों के पक्ष में था. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मनोहर जोशी ने क्या कहा था, इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है.

पाटिल ने कहा, ”मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है लेकिन उम्मीद है. यह (शिवसेना और भाजपा के एक साथ आने) उम्मीद है. मुझे नहीं पता कि यह होगा या नहीं (फिर से गठबंधन). यह पूछने पर कि क्या शिवसेना के लिए दरवाजे अब भी खुले हुए हैं तो पाटिल ने कहा, ”उस समय भी दरवाजे खुले हुए थे.