परोपकार करने के मामले में शिव नाडर टॉप पर, मुकेश अंबानी तीसरे नंबर पर

सामाजिक कार्यों के लिए पांच करोड़ रुपये से अधिक धन देने वाले भारतीयों की संख्या हालांकि इस दौरान बढ़कर 72 हो गई है. वर्ष 2018 में यह संख्या 38 थी.

मुंबई: परोपकार और जन हितैषी कामों में धन देने के मामले में आईटी सेक्टर की कंपनी एचसीएल टेक्नॉलजी के प्रमुख शिव नाडर ने सबसे अमीर भारतीय मुकेश अंबानी को पछाड़ दिया है. एडलगिव हुरुन इंडिया की परोपकारी लोगों की सूची-2019 में अजीम प्रेमजी दूसरे स्थान पर रहे हैं.

प्रेमजी ने 21 अरब डॉलर परमार्थ कार्यों के लिए देने की घोषणा की है जिसकी काफी चर्चा हुई थी. भारतीय कॉर्पोरेट जगत लंबे समय से सामाजिक कार्यों के लिए खर्च करता रहा है. लेकिन 2013 में कंपनी कानून में एक निश्चित सीमा से अधिक कारोबार करने, मुनाफा कमाने वाली कंपनियों के लिए अपने मुनाफे का दो प्रतिशत कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पर खर्च करने को अनिवार्य कर दिया.

परोपकारी लोगों की इस सूची में कंपनियों द्वारा दी गई जानकारी और साक्षात्कार शामिल किए गए हैं. सूची के अनुसार नाडर और उनके परिवार ने परमार्थ कार्यों के लिए 826 करोड़ रुपये दिए हैं. वहीं प्रेमजी ने 453 करोड़ रुपये और मुकेश अंबानी ने 402 करोड़ रुपये परोपकार के लिए दिए हैं.

भले ही मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर शख्स हों, लेकिन देश में कई ऐसे उद्योगपति हैं जिनकी इनकम अंबानी से ज्यादा है. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने ऐनुअल रिपोर्ट में बताया था कि मुकेश अंबानी की सैलरी 15 करोड़ रुपये है. आगे की स्लाइड्स में जानें वित्त वर्ष 2019 में किनकी सैलरी है अंबानी से ज्यादा हितल मेस्वानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एग्जीक्युटिव डायरेक्टर हैं और उनका सालाना पैकेज 20.57 करोड़ रुपये है.

वेणु श्रीनिवासन
वेणु श्रीनिवासन टीवीएस मोटर कंपनी के सीएमडी हैं और इनका सालाना पैकेज 23.77 करोड़ रुपये है.
सुनील मित्तल
सुनील मित्तल भारती एयरटेल के चेयरमैन हैं और इनका सालाना पैकेज 31 करोड़ रुपये है.
एस एन सुब्रहमण्यम
एस एन सुब्रहमण्यम एलऐंडटी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और उनका सालाना पैकेज 48.45 करोड़ रुपये है.
संजीव बजाज
संजीव बजाज, बजाज होल्डिंग्स ऐंड इन्वेस्टमेंट के एमडी है और इनका सालाना पैकेज 19.13 करोड़ रुपये है.
सलील पारीख
सलील पारीख इन्फोसिस के चीफ एग्जीक्युटिव ऑफिसर हैं और इनका सालाना पैकेज 17.03 करोड़ रुपये है.
आर शंकर रमन
आर शंकर रमन एलऐंडटी के सीएफओ हैं और उनका सालाना पैकेज 25.08 करोड़ रुपये है.
निखिल मेस्वानी
निखिल मेस्वानी भी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एग्जीक्युटिव डायरेक्टर हैं और उनकी सालाना कमाई 20.57 करोड़ रुपये है.
राजीव बजाज
राजीव बजाज, बजाज ऑटो के एमडी हैं और इनका सालाना पैकेज 32.31 करोड़ रुपये है.
राजेश गोपीनाथन
राजेश गोपीनाथन टाटा कंसल्टेंसी के सीईओ हैं और उनका सालाना पैकेज 16.03 करोड़ रुपये है.
पवन मुंजाल
पवन मुंजाल हीरो मोटोकॉर्प के सीएमडी हैं और इनका सालाना पैकेज 80.41 करोड़ रुपये है.
नवीन अग्रवाल
नवीन अग्रवाल वेदांता लिमिटेड के एग्जिक्युटिव चेयरमैन हैं और इनका सालाना पैकेज 17.44 करोड़ रुपये है. सोर्स- कैपिटलाइन

एडलगिव फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी विद्या शाह ने कहा कि अभी भी कई ऐसे मुद्दे हैं जिनकों लेकर उद्यमियों के मन में परमार्थ कार्यों के लिए अधिक देने को लेकर संशय रहता है. सामाजिक कार्यों के लिए पांच करोड़ रुपये से अधिक धन देने वाले भारतीयों की संख्या हालांकि इस दौरान बढ़कर 72 हो गई है. वर्ष 2018 में यह संख्या 38 थी.

इस अवधि में परमार्थ कार्यों के लिए दी गई राशि दोगुना होकर 4,391 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है. इनमें से आधी राशि व्यक्तिगत रूप से दिए गए दान से आई है. शेष का योगदान कंपनियों ने दिया है. परमार्थ कार्य के रूप में सबसे पसंदीदा क्षेत्र शिक्षा है. उसके बाद स्वास्थ्य का स्थान आता है. इन्फोसिस के सह संस्थाप नंदन नीलेकणि और उनकी पत्नी रोहिणी ने सामाजिक मंचों के जरिए परमार्थ कार्यों के लिए 346 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.