‘केजरीवाल दुबले-पतले हैं इसलिए थप्पड़ से लड़खड़ा जाते हैं’, सामना में शिवसेना ने लिखा

अरविंद केजरीवाल को प्रचार के दौरान एक शख्स ने थप्पड़ मारा. पिछले कुछ वर्षों में उनपर कई हमले हुए हैं.

नई दिल्‍ली: दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल को थप्‍पड़ मारने की घटना पर शिवसेना ने चुटकी ली है. पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में तंज कसते हुए लिखा है कि “अरविंद केजरीवाल ने पिछले 4 वर्षों में जितने ‘थप्पड़’ और ‘चप्पल’ खाए हैं, उसे एक रिकॉर्ड ही कहना पड़ेगा.” लेख के अनुसार, “केजरीवाल शारीरिक रूप से दुबले-पतले हैं इसलिए इस तरह के थप्पड़ से वे लड़खड़ा जाते हैं.” हालांकि लेख में कहा गया कि है ‘केजरीवाल लोकतंत्र के रास्ते वे चुनकर आए हैं और उनका पराभव उसी रास्ते करना होगा. मारपीट करना उचित नहीं.’

शिवसेना ने कहा कि राजनीति तथा समाज में असहिष्णुता बढ़ रही है और लोग मुद्दों की बजाय मुक्कों पर आ रहे हैं. ‘सामना’ में कहा गया है कि ‘राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का मामला थमना चाहिए.’ लेख में पूछा गया है कि “नेताओं पर चप्पल, जूता और स्याही फेंकने से देश के सवाल सचमुच हल होनेवाले हैं क्या?”

केजरीवाल देख रहे पीएम पद का सपना : शिवेसना

अपने संपादकीय में ‘सामना’ ने लिखा है, “केजरीवाल तीखा बोलते हैं लेकिन वे बेलगाम बोलते हैं. उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में असीमित अधिकार चाहिए इसीलिये वो संघर्ष करते है पर यह संभव नहीं है और सरकार से रोज संघर्ष कर ‘थप्पड़’ खा रहे हैं. लेकिन अब उन्हें प्रधानमंत्री पद का सपना आने लगा और उसी भ्रमित अवस्था में केंद्र सरकार पर उन्होंने बेलगाम आरोप लगाने शुरू कर दिए.”

शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखा है कि वह इस प्रकरण से सहमत नहीं है, पर चुटकी लेते हुए लिखा है कि “कोई व्यक्ति कितना थप्पड़ खाए इसकी भी कोई मर्यादा है या नहीं?”

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