बुरहान वानी गैंग का आखिरी सदस्‍य भी ढेर, शोपियां में सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मारा

शोपियां के इमाम साहिब में अदखारा इलाके में आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.

शोपियां: 2017 में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहानी वानी की साथी आतंकियों संग एक फोटो वायरल हुई थी, जिसके बाद सेना ने एक-एक कर सबको निपटा दिया है. बुरहान की उस फोटो के 12 में से 11 सदस्य मारे जा चुके हैं. 12 में से सिर्फ तारिक पंडित को सुरक्षाबलों ने 2016 में गिरफ्तार किया था. आतंकी लतीफ टाइगर शुक्रवार (3 मई) को शोपियां एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है. टाइगर के अलावा दो और आतंकी भी मार गिराए गए हैं. शोपियां में यह मुठभेड़ तब शुरू हुई, जब सेना की 34 राष्‍ट्रीय राइफल्‍स और एसओजी की संयुक्‍त टीम ने इमाम साहिब के अदखारा गांव में तलाशी अभियान शुरू किया. वहां छिपे आतंकियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी.

पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि डोगरीपुरा का लतीफ अहमद डार उर्फ टाइगर मारा गया है. वह 2014 से घाटी में सक्रिय था. अन्‍य दो आतंकवादियों की पहचान मूलू चित्रगाम के तारिक मौलवी और चोटीगाम के शारिक अहमद नेगरू के रूप में हुई है. जैसे ही टाइगर के मारे जाने की संभावना वाली खबर फैली अनंतनाग में झड़प शुरु हो गई. दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद किए जाने के बावजूद मुठभेड़ की खबर फैलने पर दक्षिण कश्मीर के कुछ अन्य इलाकों में भी झड़प होने की खबरें हैं.

मिली जानकारी के अनुसार, एक गोपनीय सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने इमाम साहिब में अदखारा इलाके को घेर लिया. घेराव कड़ा करने पर आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. मुठभेड़ के दौरान सेना का एक जवान घायल हो गया जिसे श्रीनगर के आर्मी बेस अस्‍पताल लाया गया है. कई स्‍थानीय लोग घायल भी हुए हैं.

25 अप्रैल को अनंतनाग जिले में मुठभेड़ में आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के साथ जुड़े दो कश्मीरी आतंकवादी मारे गए थे. मारे गए आतंकियों की पहचान बीजबेहारा निवासी 25 वर्षीय कश्मीरी युवक सफदर अमीन भट्ट और कुलगाम के मालीपोरा हबलीश निवासी बुरहान अहमद गनेई के रूप में हुई.