बेंगलुरु : आधे बेड कोरोना मरीजों को देने के वादे से मुकरे 36 प्राइवेट अस्पताल, BBMP ने भेजा नोटिस

बेंगलुरु (Bengaluru) में 36 प्राइवेट अस्पतालों को अंतिम कारण बताओ नोटिस भेजा गया है. BBMP ने अस्पतालों को 50% बेड कोरोना (Corona) मरीजों को आवंटित करने के सरकारी नियम उल्लंघन मामले में नोटिस भेजा है.

बेंगलुरु (Bengaluru) में ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने 36 प्राइवेट अस्पतालों को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया है. अस्पतालों को नोटिस कर्नाटक सरकार के कोविड-19 (Covid-19) संबंधी आदेशों के उल्लंघन मामले में जारी किया गया है. सरकार ने आदेश दिया था कि अस्पतालों में 50% बेड कोविड-19 संक्रमित मरीजों के लिए आवंटित होने चाहिए.

सरकार के आदेश में चेतावनी भी दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि आदेश के पालन में की गई कोई भी लापरवाही ‘गंभीरता से देखी जाएगी’ और कर्नाटक महामारी रोग अध्यादेश 2020, कर्नाटक निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान अधिनियम 2017 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई भी की जाएगी. इसमें रजिस्ट्रेशन का सस्पेंशन, जुर्माना और जेल की सजा भी शामिल है.

जिन प्राइवेट अस्पतालों को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उसमें कोरोना संक्रमण के लिए सौ से ज्यादा बेड के साथ 21 , 50 से 100 बेड के साथ 10  और 20 से 25 बेड के साथ सिर्फ पांच बेड आवंटित किए गए थे.

सख्त कार्रवाई होना तय है

चिकित्सा शिक्षा मंत्री के. सुधाकर ने ट्वीट किया, ‘सभी प्राइवेट अस्पतालों को कोविड-19 संक्रमण के इलाज के लिए 50% बेड आवंटित करना अनिवार्य है. बेंगलुरु के 36 निजी अस्पतालों को संक्रमण इलाज संबंधी सरकारी नियमों के उल्लंघन मामले में BBMP ने नोटिस भेज दिया. यह तय है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इसी मामले में बुधवार को एक प्राइवेट अस्पताल को जारी किए कारण बताओ नोटिस में BBMP कमिश्नर एन मंजुनाथ प्रसाद ने कहा कि अस्पताल को सरकार के निर्देशों का पालन न करने और कोविड संक्रमण मरीजों के लिए 50% बेड उपलब्ध न कराने के मामले में नोटिस भेजा गया है.

मरीजों को BBMP के ऑनलाइन पोर्टल पर बेड दिखाए जाने के बाद भी अस्पताल उन्हें बेड न होने के चलते वापस कर रहे थे. नोटिस में कहा गया कि अस्पतालों को जो बेड सरकार के लिए आवंटित करने थे, वो प्राइवेट मरीजों को दे दिए गए.

तुरंत उपलब्ध कराएं बेड

नोटिस में कह गया है, ‘अस्पतालों को कर्नाटक महामारी रोग अध्यादेश 2020, कर्नाटक निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान अधिनियम 2017 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की संबंधित धाराओं के तहत 48 घंटे के भीतर अनिवार्य बेड संख्या के प्रावधान का तुरंत पालन करने का निर्देश दिया गया है.’

नोटिस में आगे कहा गया है कि अगर अस्पताल निर्देशों का पालन नहीं करता है तो KPME अधिनियम की धारा 15 के तहत और आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी.

अस्पतालों को उनके आफिशियल पोर्टल पर अपटेड करने का भी निर्देश दिया गया है, सभी सरकारी और प्राइवेट मरीजों के स्टेटस को दिखाया जाए ताकि कोविड-19 मरीजों के लिए उपलब्ध बेड की असल संख्या का पता चल सके. अन्य रोगियों के बेड की डिटेल भी अपडेट की जाए.

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