डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती: PM मोदी समेत तमाम नेताओं ने किया याद, वर्चुअल रैली करेंगे BJP अध्यक्ष नड्डा

डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी (Dr. Shyama Prasad Mukherjee) की जयंती पर बंगाल पर केंद्रित इस रैली में जेपी नड्डा (JP Nadda) बंगाल की ममता सरकार के कामकाज पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर सकते हैं.
shyama prasad mukherjee birth anniversary, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती: PM मोदी समेत तमाम नेताओं ने किया याद, वर्चुअल रैली करेंगे BJP अध्यक्ष नड्डा

भारतीय जनसंघ के संस्थापक और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रमुख आदर्शों में से एक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (Dr. Shayama Prasad Mukherjee) की आज जयंती है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) आज सुबह 11 बजे एक वर्चुअल रैली (Virtual Rally) को संबोधित करेंगे. श्याम प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर बंगाल पर केंद्रित इस रैली में जेपी नड्डा बंगाल की ममता सरकार (Mamta Government) के कामकाज पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर सकते हैं.

बीजेपी के तमाम नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

जनसंघ के संस्थापक श्यामा मुखर्जी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से लेकर बीजेपी के तमात नेताओं ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है. प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर मैं उन्हें नमन करता हूं. वो एक सच्चे राष्ट्रभक्त थे, जिन्होंने भारत के विकास में अहम भूमिका निभाई. देश की एकता के लिए उन्होंने योगदान दिया और उनके विचार करोड़ों लोगों को प्रेरित करते हैं.”

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिखा, “राष्ट्रोत्थान व सेवा भाव को आधार बनाकर भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वाले परम श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन. समतामूलक समाज व अखंड भारत की संकल्पना के पोषक आपके विचार “आत्मनिर्भर भारत” के निर्माण में अत्यंत अनुसरणीय हैं.”

गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के रूप में देश को एक ऐसा दूरदर्शी नेता मिला, जिसने भारत की समस्याओं के मूल कारणों व स्थायी समाधानों पर जोर दिया और उनके लिए जीवन पर्यन्त संघर्ष किया. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर केन्द्रित जनसंघ और आज की भाजपा डॉ. मुखर्जी की ही दूरदर्शिता का परिणाम है.”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “जनसंघ के संस्थापक रहे एवं देश के लिए अपने प्राणों की भी आहुति देने वाले डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर मैं उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं. उन्होंने भारत की एकता एवं अखंडता के लिए आजीवन काम किया. उनके विचार भारत की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे.”

श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म कोलकाला में 6 जुलाई, 1901 में हुआ था. 1951 में वो पंडित जवाहरलाल नेहरू से अलग हो गए थे और फिर उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की. वे एक बंगाली परिवार में जन्में थे. उनके पिता आशुतोष मुखर्जी बंगाल के मशहूर शख्स थे. उनकी मां का नाम जोगमाया देवी मुखर्जी था. डॉ. मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से 1921 में ग्रेजुएशन की. इसके बाद 1923 में पोस्ट-ग्रेजुएसन और 1924 में बी.एल. किया. 1923 में ही वो सीनेट के सदस्य बन गए थे. 1926 में ‘लिंकन्स इन’ में पढ़ाई करने के लिए वो इंग्लैंड चले गए थे और 1927 में बैरिस्टर बन गए.

कश्मीर में धारा 370 हटाने की मांग करने वाले पहले शख्स

यह बात शायद ही बहुत कम लोग जानते होंगे कि कश्मीर में धारा 370 हटाने को लेकर सबसे पहले शरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ही की थी. उन्होंने ही एक देश में दो विधान, एक देश में दो निशान, एक देश में दो प्रधान नहीं चलेंगे-नहीं चलेंगे जैसे नारे दिए थे. एक देश में दो विधान, एक देश में दो निशान, एक देश में दो प्रधान नहीं चलेंगे नहीं चलेंगे जैसे नारे दिए.

1953 में उन्होंने बिना परमिट के कश्मीर दौरा किया था. तब तत्तकालीन सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और उनकी वहीं रहस्यमय परिस्थियों में मौत हो गई थी. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत के बाद से ही बीजेपी का ‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है, जो कश्मीर हमारा है, वह सारा का सारा है’ नारा प्रमुख रहा है.

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