आबादी लगभग बराबर फिर भी भारत से ज्‍यादा सिख कनाडा की संसद में

कनाडा ने इस साल 18 सिखों कों चुनकर संसद भेजा है, जबकि भारत ने 2019 के आम चुनाव में सिर्फ 13 सिख सांसद चुने.

भारत और कनाडा की जनसंख्‍या में करीब 2 प्रतिशत हिस्‍सेदारी सिखों की है. दोनों की संसद में सिखों की संख्‍या देखें तो कनाडा, भारत से कहीं आगे है. कनाडा ने इस साल 18 सिखों कों चुनकर संसद भेजा है, जबकि भारत ने 2019 के आम चुनाव में सिर्फ 13 सिख सांसद चुने.

कनाडा के ऑन्‍टैरियो राज्‍य से 10 सिख, ब्रिटिश कोलंबिया से 4, अल्‍बर्टा से 3 और क्‍यूबेक से एक सिख सांसद बना है. इनमें से 13 लिबरल पार्टी के हैं जिसका नेतृत्‍व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो करते हैं. चार सिख सांसद कंजरवेटिव पार्टी से हैं. एक सांसद न्‍यू डेमोक्रेटिक पार्टी से ताल्‍लुक रखता है. कनाडा ने 2014 के आम चुनावों में भी 18 सिखों को चुनकर सांसद भेजा था.

कनाडा से सीखे भारत?

भारत की बात करें तो पंजाब से सबसे ज्‍यादा 10 सिख सांसद आते हैं. पंजाब के अलावा भारत के बाकी तीन राज्‍यों ने मिलकर सिर्फ तीन सिख सांसद चुने. इनमें बीजेपी के एसएस अहलूवालिया और मेनका गांधी तथा निर्दलीय नवनीत कौर रवि राणा शामिल हैं.

पंजाब के 10 सिख सांसदों में डूम सिख समुदाय से आने वाले मुहम्‍मद सादिक भी शामिल हैं. गुरु नानक देव के साथी संगीतकार भाई मर्दाना भी डूम समुदाय से आते थे. एक मुस्लिम परिवार में जन्‍मे सादिक ने 2006 में अदालत में माना था कि उन्‍होंने 2006 से सिख धर्म का पालन शुरू किया. उन्‍हें पंजाब में कभी समस्‍या नहीं हुई.

ये भी पढ़ें

कौन हैं जगमीत सिंह जो कनाडा में बने किंगमेकर?

हेनरी किसिंजर ने 1971 में भारत को कहा था ‘रूसी कठपुतली’, ताउम्र PAK के तरफदार अब कैसे बदल गए?