बांह चढ़ाकर मारने के पोज में मेरी ओर बढ़े कांग्रेस सांसद: स्मृति ईरानी का आरोप

स्मृति ईरानी ने कहा, “मैं बीजेपी की कार्यकर्ता हूं कि मैं देखना चाहूंगी कि सदन में महिला के पक्ष में बोलने की विपक्ष मुझे और क्या सजा देने वाला है.”

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  • Publish Date - 7:02 pm, Fri, 6 December 19
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लोकसभा में शुक्रवार को उन्नाव और तेलंगाना दुष्कर्म पर कांग्रेस सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी के बीच जमकर नोकझोंक हुई. स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन के सीता मैया वाले बयान को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग दे रहा है.

स्मृति ईरानी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि ‘बांह चढ़ाकर मारने की भावमुद्रा के साथ एक पुरुष सांसद मेरी तरफ आए, जिसके बाद एक युवा सांसद ने कहा कि मैं बोली ही क्यों… मैं इससे स्तब्ध हूं.’

बीजेपी का आरोप है कि जब स्मृति ईरानी संसद में महिला अपराध के मामले पर बोलने के लिए खड़ी हुईं, तब केरल के सांसद टीएन प्रतापन अपनी सीट से उठकर बेल की तरफ बढ़े और उन्होंने स्मृति ईरानी को चुप होने का इशारा किया. इस दौरान उन्होंने अपने बाजू भी समेटे और स्मृति ईरानी को हाथ भी दिखाया.

स्मृति ईरानी ने कहा, “मैं बीजेपी की कार्यकर्ता हूं कि मैं देखना चाहूंगी कि सदन में सोमवार को महिला के पक्ष में बोलने की विपक्ष मुझे और क्या सजा देने वाला है. संसद में खड़ा होकर मैं मारूंगा का पोज लेता है, बांह चढ़ाकर मारने के लिए आता है तो उसके खिलाफ क्या करना चाहिए?”


केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा, “पश्चिम बंगाल में हुए पंचायत चुनाव में जिन लोगों ने दुष्कर्म का राजनीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया, वे यहां उपदेश दे रहे हैं. यह एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है. मुझे लगता है कि जब अधीर रंजन जी बोल रहे थे, तब आपको टिप्पणी करनी चाहिए थी.”

पश्चिम बंगाल के बेरहामपुर से कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने सदन में बहस के दौरान उन्नाव दुष्कर्म मामले पर टिप्पणी करते हुए इस मामले को उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन से जोड़ा.

उन्होंने कहा, “उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता 95 प्रतिशत जल गई, देश में यह क्या हो रहा है? एक ओर जहां भगवान राम का मंदिर बन रहा है, वहीं दूसरी ओर सीता को आग के हवाले किया जा रहा है.”

ईरानी ने यह भी कहा कि दुष्कर्म का राजनीतिकरण करना किसी भी प्रकार से महिलाओं की मदद नहीं करता है. उन्होंने कहा, “तथ्य यह है कि आप आज यहां चिल्ला रहे हैं, इसका मतलब यह है कि आप नहीं चाहते कि कोई महिला यहां खड़ी हो और किसी मुद्दे पर बोले. आप उस वक्त चुप थे जब एक राजनीतिक हथियार के रूप में पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में दुष्कर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था.”

स्मृति ईरानी ने आगे कहा, “दुष्कर्म का राजनीतिकरण करने से अधिक महिलाओं की गरिमा के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बात और क्या हो सकती है. हैदराबाद कांड महिलाओं पर हुए अत्याचार का एक मामला है, लेकिन उसे राजनीतिक मुद्दा बनाने से कोई लाभ नहीं मिलने वाला है.”

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