‘युवाओं की योग्‍यता’ वाले गंगवार के बयान पर सोशल मीडिया ने निकाली ‘मेरिट लिस्‍ट’

संतोष गंगवार ने अपने संसदीय क्षेत्र बरेली में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उत्तर भारत में अच्छी शिक्षा प्राप्त युवाओं की कमी है.

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार को उनके हालिया बयान की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है. विपक्ष के नेता भी उनकी खूब आलोचना कर रहे हैं.

संतोष गंगवार ने अपने संसदीय क्षेत्र बरेली में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उत्तर भारत में अच्छी शिक्षा प्राप्त युवाओं की कमी है. उन्होंने कहा, ‘देश में रोजगार की कमी नहीं है. हमारे उत्तर भारत में जो रिक्रूटमेंट करने आते हैं, वो इस बात का सवाल करते हैं कि जिस पद के लिए हम रख रहे हैं, उसकी क्वॉलिटी का व्यक्ति हमें कम मिलता है.’

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर आम आदमी पार्टी के विधायक राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, ‘वाह जी वाह! अपनी जिम्मेदारी सरकार ठीक से नहीं उठा पाई तो जनता को नाकाबिल बना दिया.’

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, ‘मंत्री जी ने युवाओं का मनोबल तोड़ा है. कमी काबिल युवाओं की नहीं, देश-प्रदेश में काबिल सरकार की है.’

‘सर हमें भी चपरासी बना दो, हमने राजनीति से एमए किया है.’

‘सरकार में शामिल अयोग्य नेताओं की वजह से रोजगार में कमी है.’

‘ऐसा है तो रोजगार दक्षिण वालों को दे दो.’

‘हम आपसे जॉब मांग रहे हैं भीख नहीं.’

‘अगर देश के युवा नाकाबिल होते तो सरकारी नौकरियों की मेरिट इतनी ऊंची न पहुंचती.’

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद जारी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पिछले 45 वर्षों में बेरोजगारी की दर सबसे अधिक है.

हालांकि उत्तर भारत में योग्य युवाओं की कमी वाले बयान को लेकर विवादों में आने वाले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार सफाई पेश कर चुके हैं. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है, उन्होंने एक विषेश संदर्भ में वह बात कही थी.

गंगवार ने कहा, “नौकरियों की कमी नहीं है. उत्तर भारत आने वाली कंपनियां और रिक्रूटर कहते हैं कि कुछ विशेष नौकरियों के लिए लोगों में जरूरी स्किल की कमी है.” उनका कहना है कि उनके जिस बयान को लेकर विवाद खड़ा किया गया, दरअसल उसका दूसरा मतलब था.

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