तिरंगे का अपमान नहीं देख सकी भारतीय पत्रकार, पाकिस्तानियों-खालिस्तानियों को सिखाया सबक

यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर लोग पूनम जोशी के जज्बे और बहादुरी को सलाम कर रहे हैं.
Khalistani torn tricolor london, तिरंगे का अपमान नहीं देख सकी भारतीय पत्रकार, पाकिस्तानियों-खालिस्तानियों को सिखाया सबक

भारत जैसे देश में झंडे का इतिहास तकरीबन सौ साल पुराना है, यहां देशभक्ति के मामले में कई मिसालें देखने को मिलना आम बात है. 15 अगस्त को जहां पूरे हिंदुस्तान और विदेशों में रह रहे भारतीयों ने तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया. वहीं लंदन में भारतीय हाई कमीशन में भी तिरंगा फहराया गया.

इस दौरान लंदन स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के विरोध में पाकिस्तानी और खालिस्तानी समर्थक विरोध प्रदर्शन करने के साथ-साथ गुंडागर्दी पर उतर आए.

प्रदर्शनकारियों ने न केवल भारतीय तिरंगे का अपमान करने की कोशिश की बल्कि वहां तोड़फोड़ मचाने लगे. इस दौरान वहां इकठ्ठा हुए भारतीयों पर प्रदर्शनकारियों ने अंडे और पत्थर भी फेंके और तभी वहां मौजूद न्यूज़ एजेंसी एएनआई की पत्रकार पूनम जोशी प्रदर्शनकारियों से भिड़ गईं.

पूनम ने प्रदर्शनकारियों से तिरंगा छीन लिया और अपने देशभक्त होने का प्रमाण रखते हुए तिरंगा फहराने लगीं और साबित कर दिया की उनके लिए तिरंगे से बढ़कर, राष्ट्रवाद से बढ़कर कुछ भी नहीं. उनका काम और उनकी पत्रकारिता भी नहीं. इस घटना का वीडियो एएनआई ने अपने ट्विटर और फेसबुक पर शेयर किया है.

एएनआई ने लिखा, यह घटना गुरुवार की है. पूनम लंदन स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर स्वतंत्रता दिवस समारोह की कवरेज करने गईं, जहां पाकिस्तान और खालिस्तान समर्थकों का प्रदर्शन चल रहा था. इस दौरान खालिस्तानी समर्थक तिरंगे का अपमान करने लगे, तो पूनम जोशी उनसे भिड़ गईं और उनसे तिरंगे को छीन लिया. जिस वक्त पूनम प्रदर्शनकारियों को ऐसा करने से रोक रही थी तब कई पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद थे, लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कोई भी आगे नही आया.

यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. पूनम जोशी की देशभक्ति और बहादुरी का वीडियो देखते ही देखते ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा. सोशल मीडिया पर लोग पूनम जोशी के जज्बे और बहादुरी को सलाम कर रहे हैं.

इस घटना पर पूनम जोशी ने कहा, “भले ही मैं एक पत्रकार के तौर पर वहां मौजूद थी, लेकिन मैं यह नहीं बर्दाश्त कर सकती थी. वहां जो हो रहा था उससे वास्तव में मेरे गौरव को ठेस पहुंच रही थी. आखिर देशभक्ति मापने का जो पैमाना उन्होंने ने तैयार किया है उस पर खरा उतरना भी उनका फर्ज ही है.”

 

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