जवानों ने घायल पड़े 5 लाख के इनामी नक्सली की बचाई जान, 12 किलोमीटर टांगकर पहुंचाया हॉस्पिटल

जवान जब घायल अवस्था में पड़े नक्सली के पास पहुंचे तो उसके साथी वहां से भाग गए. घायल नक्सली को इलाज की तुरंत जरूरत थी.

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सुरक्षाबलों की दरियादिली ने एक नई मिसाल कायम कर दी है. सुरक्षाबलों ने घायल पड़े हुए एक खूंखार नक्सली को 12 किलोमीटर तक जंगलों में चलकर हॉस्पिटल तक पहुंचाया है. इस घटना ने लोगों को हैरान तो किया ही है, साथ में सुरक्षाबलों के लिए देशवासियों का सम्मान और भी बढ़ा दिया है.

सर्च ऑपरेशन पर निकले थे जवान
डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवान नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में सुकमा बॉर्डर के पास सर्च ऑपरेशन पर निकले हुए थे. डीआरजी को नागलगुड़ा की पहाड़ियों में जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी. इसी दौरान उनकी नजर घायल अवस्था में पड़े एक नक्सली पर पड़ी.

जवान जब घायल अवस्था में पड़े नक्सली के पास पहुंचे तो उसके साथी वहां से भाग गए. घायल नक्सली को इलाज की तुरंत जरूरत थी. जवानों ने पहले तो उसे एक चारपाई पर बैठाया और फिर उसे 12 किलोमीटर तक टांगकर अस्पताल लेकर चल दिए.


समय पर इलाज मिलने से बची जान
समय पर इलाज मिल जाने से नक्सली की जान बच गई. ये नक्सली पिछले 11 साल से कई भीषण हिंसक गतिविधियों में शामिल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, घायल नक्सली मालनगिरि क्षेत्र समिति का खास सदस्य था जिस पर 5 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम था.

दिलचस्प बात ये भी है कि नक्सली कुछ दिनों पहले स्पाइक होल बनाते वक्त जवानों के लिए खोदे गए गड्ढे में खुद ही जा गिरा था. इस होल में गड्ढे में लोहे, कांच आदि भरकर ऊपर से सूखे पत्तों और घास से ढक दिया जाता है. इसका इस्तेमाल नक्सली आईईडी लगाने के लिए भी करते हैं.

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