वाटर ATM से 5रु में 20 लीटर शुद्ध पानी, रिक्शा चलाने वाले साहित्यकार… पढ़ें कई और पॉजिटिव खबरें

चीन (China) के साथ LAC पर चल रही तनातनी को देखते हुए सैनिकों की रक्षा के लिए हैदराबाद में मिश्र धातु निगम लिमिटेड में अंतरराष्ट्रीय स्तर स्टैंडर्ड के बुलेट प्रूफ जैकेट्स (Bullet-Proof Jackets) तैयार किए जा रहे हैं, जो एके-47 की गोलियों को भी रोक सकते हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 10:59 pm, Mon, 14 September 20
प्रतीकात्मक फोटो

देश और दुनिया में छाए कोरोना, अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और अन्य समस्याओं के बीच हम आपकी मुस्कान की फिक्र करते हैं और इसीलिए हम आपके लिए लाते हैं कुछ ऐसी अच्छी या पॉजिटिव खबरें (Positive News) जो आपके चेहरे पर एक लंबी सी मुस्कान दे जाती हैं. यहां आपको वही खबरें मिलेंगी जिन्हें पढ़कर आप अच्छा महसूस करेंगे. आपको पता चलेगा कि हमारे देश में क्या-कुछ नया हो रहा है. इतना ही नहीं, इस संकट के दौर में ये खबरें आपके अंदर उम्मीद की एक किरण भी जगा सकती हैं, क्योंकि आपको यह भी पता चलेगा कि कुछ लोग इस आपदा की घड़ी को भी कैसे एक अच्छे अवसर के तौर पर देख रहे हैं.

भारत ने किया सबसे ऊंची सड़क का निर्माण

भारत ने दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़क (Motorable Road) का निर्माण करके इतिहास रच दिया है. दुनिया की सबसे ऊंची सड़क का नाम माणा पास रोड (Mana Pass Road) है जो उत्तराखंड के चमोली-गढ़वाल जिले में चीन सीमा के पास 18,192 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. इस सड़क की खास बात यह है कि यहां से चीन (China) की हर चाल पर निगरानी रखी जा सकेगी. सीमा पर तैनात हमारे जवानों को रसद और हथियार जल्दी पहुंचाए जा सकेंगे.

रिक्शा चलाने वाले हिंदी के साहित्यकार

उत्तर प्रदेश (UP) के रिक्शाचालक रहमान अली जो कविता लिखने के शौकीन हैं. रहमान को जब भी वक्त मिलता है तब वह कविता (Poetry) लिखने बैठ जाते हैं. रहमान अली की चार किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो अलग-अलग मुद्दों पर आधारित हैं. आर्थिक तंगी के चलते रहमान को 10 वीं के दौरान ही पढ़ाई छोड़नी पड़ गई थी, लेकिन रहमान का कहना है कि कविता लेखन के बिना उनका जीवन अधूरा ही है.

सात नए रूट पर बुलेट ट्रेन की तैयारी!

देश में जल्द ही सात नए रूटों पर बुलेट ट्रेन (Bullet Train) फर्राटे से दौड़ने वाली है. इसी सिलसिले में केंद्र सरकार ने दिल्ली-वाराणसी और दिल्ली-अहमदाबाद समेत सात नए रूट्स पर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट (Bullet Train Project) शुरू करने की संभावना पर काम शुरू कर दिया है. खबरों की माने तो इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.

70 साल के किसान ने पेश की मिसाल

दिल में कुछ करने की इच्छा हो और दिमाग में जुनून तो कोई भी काम असंभव नहीं. यह साबित कर दिया है गया (Gaya) के रहने वाले एक 70 साल के बुजुर्ग ने, जिन्होंने गांव के एक तालाब में पानी पहुंचाने के लिए 30 साल की मेहनत के बाद तीन किलोमीटर लंबी एक पूरी नहर तैयार कर डाली. उन्होंने पड़ोस की पहाड़ियों से बारिश के पानी को अपने गांव के खेतों तक लाने का प्रयास किया जिसका फायदा गांव के 3,000 लोगों को मिल रहा है.

वाटर ATM से 5 रुपये में 20 लीटर शुद्ध पानी

साफ पानी की जरूरत हर एक को होती है. हमने कई राज्यों में महिलाओं को पानी भरते हुए देखा है. लेकिन अब महिलाएं वाटर कैरियर से वाटर एंटरप्रेन्योर (Water Entrepreneur) बन गई हैं. लोगों को पीने के लिए साफ पानी का भी इंतजाम करा रही हैं और आत्मनिर्भर भारत (Self-sufficient India) का हिस्सा भी बन गई हैं. महाराष्ट्र, तेलंगाना और यूपी समेत देश के 11 राज्यों में शहरी और ग्रामीण इलाकों में, जहां साफ पानी नहीं मिलता है, वहां पर वाटर ATM की शुरुआत की गई है. इसमें कम से कम 1,000 लोगों को रोजगार भी मिलेगा.

बुजुर्ग महिलाओं के लिए ऑनलाइन क्लास

वैसे तो पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती और यह सच साबित भी हो रहा है. हिंदुस्तान के राज्य केरल (Kerala) की 2 बुजुर्ग महिलाएं ऑनलाइन क्लास के जरिये पढ़ना सीख रही हैं. केरल में कोल्लम की भागीरथी और अलपुझा में कार्थयायनी अम्मा 10वीं की परीक्षा देने वाली हैं. 10वीं पास करना इनका सपना है और दोनों लैपटॉप और मोबाइल पर ऑनलाइन पढ़ाई कर रही हैं.

आंगनवाड़ी में ‘आयरन लड्डू’ की ट्रेनिंग

कोरोना काल (Corona Pandemic) में बहुत से लोग बेरोजगार हो गए हैं लेकिन इस संकट के समय भी कीर्ति कुमारी नाम की महिला ने आपदा को अवसर में बदला दिया है. वह उत्तराखंड (Uttarakhand) के टिहरी गांव की कृषि विज्ञान केंद्र में एक फूड साइंटिस्ट हैं. वह आंगनवाड़ी में काम करने वाली कार्यकर्ताओं के लिए आयरन लड्डू बना रही हैं. इसमें 1,000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वह फूड एंटरप्रेन्योरशिप की ट्रेनिंग भी दे रहीं हैं.

सरहद पर सैनिकों की रक्षा करेगा ‘भाभा कवच’

चीन के साथ LAC पर चल रही तनातनी को देखते हुए सैनिकों की रक्षा के लिए हैदराबाद में मिश्र धातु निगम लिमिटेड यानी मिधानी (Midhani) में अंतरराष्ट्रीय स्तर स्टैंडर्ड के बुलेट प्रूफ जैकेट्स तैयार किए जा रहे हैं, जो एके-47 की गोलियों को भी रोक सकते हैं. भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में इस खास बुलेट प्रूफ जैकेट के तैयार होने की वजह से इसे ‘भाभा कवच (Bhabha Kavach Jacket)’ नाम दिया गया है. सैंपल के तौर पर कुछ बुलेटप्रूफ जैकेट्स पैरामिलिट्री फोर्स को सप्लाई भी की जा चुकी हैं.