सोनिया गांधी की केंद्र को नसीहत, बीजेपी-कांग्रेस का इसे मुद्दा न बनाएं, MGNREGA से जरूरतमंदों की मदद करें

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने अपने लेख में लिखा है कि एक सरकार जिसने इस योजना को बदनाम करने की कोशिश की, ये उसी सरकार के काम आई. अनिच्छा से ही सही उन्हें इस पर भरोसा करने के लिए बाध्य होना पड़ा.
Sonia Gandhi Attacks on Modi government on using MGNREGA, सोनिया गांधी की केंद्र को नसीहत, बीजेपी-कांग्रेस का इसे मुद्दा न बनाएं, MGNREGA से जरूरतमंदों की मदद करें

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. इस बार सोनिया ने मोदी सरकार द्वारा गरीबों की मदद के लिए इस्तेमाल की जा रही योजना MGNREGA का सहारा लिया है. सोनिया गांधी ने कहा है कि UPA सरकार की योजना MGNREGA केंद्र की इस वक्त की विरोधी सरकार में भी अपनी अहमियत साबित करने में कामयाब रही है. इसे भाजपा बनाम कांग्रेस का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए.

एक अंग्रेजी अखबार में लिखे गए ओपिनियन पीस में सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने UPA सरकार की योजना को अपनाया. कोरोनावायरस (Coronavirus) की वजह से लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) में गरीबों की मदद और उन तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पीएम मोदी ने मनरेगा के तहत राहत की घोषणा की थी.

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सोनिया ने अपने लेख में लिखा है कि एक सरकार जिसने इस योजना को बदनाम करने की कोशिश की, ये उसी सरकार के काम आई. उसने खुद अनिच्छा से ही इस पर भरोसा करने के लिए इन्हें मजबूर कर दिया.

पीएम ने बताया था विफलता का स्मारक

सोनिया गांधी ने लिखा कि शब्दों से ज्यादा काम जरूरी होता है. वित्तमंत्री (Finance Ministr) की तरफ से 1 लाख करोड़ रुपये के आवंटन से ज्यादा इस मामले में और कुछ भी नहीं कहा गया है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी की उस बात को भी याद किया जिसमें पीएम मोदी ने मनरेगा को ‘विफलता का जीवंत स्मारक’ कहा था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन के दौरान अर्थव्यवस्था की स्थिति को बेहतर करने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने इस दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (MGNREGA) के बजट में 40,000 करोड़ रुपए के आवंटन की अतिरिक्त घोषणा की, जिससे कि प्रवासी मजदूरों को लॉकडाउन के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि मनरेगा के लिए बजट का अनुमान लगभग 61,000 करोड़ रुपये का था, जिसमें अपने गांव को वापस लौटने वाले मजदूरो के लाभ के लिए अतिरिक्त 40,000 करोड़ रुपये और जोड़ा गया.

सोनिया गांधी ने कहा कि अभूतपूर्व कठिनाई और मंदी से गुजर रही मोदी सरकार को UPA सरकार की योजना पर भरोसा करने के लिए बाध्य होना पड़ा. सोनिया ने अपील के जरिए कहा कि ये राष्ट्रीय संकट का समय है, ऐसे में मामले पर राजनीति न की जाए. आपके पास एक शक्तिशाली तंत्र है जिसकी मदद से से भारत के जरूरतमंद लोगों की मदद कीजिए.

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