Article 370: कश्मीर मसले पर अधीर रंजन ने किया UN का जिक्र, नाराज हुईं सोनिया गांधी, देखें वीडियो

जब सदन में अधीर रंजन ने इस बात का जिक्र किया तो सोनिया गांधी ने सदन में उनकी ओर इशारा किया.

नई दिल्ली: जम्‍मू-कश्‍मीर पुनर्गठन बिल मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिल सदन के पटल पर रखा. इस दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन और मनीष तिवारी ने पार्टी का पक्ष रखा. सदन में अधीर रंजन ने कश्मीर के मसले पर UN का जिक्र किया जिससे सोनिया गांधी नाराज हो गईं.

जब सदन में अधीर रंजन ने इस बात का जिक्र किया तो सोनिया गांधी ने सदन में उनकी ओर इशारा किया. उनका इशारा नाराजगी जाहिर कर रहा था. सोनिया गांधी ने मनीष तिवारी की तारीफ की और कहा कि कहा मनीष तिवारी ने सही तरीके से पार्टी का पक्ष रखा.

इस तरह किया UN का जिक्र

अधीर रंजन चौधरी ने पूछ दिया कि जब 1948 से ही संयुक्त राष्ट्र (UN) जम्मू–कश्मीर (Jammu And Kashmir) की मॉनिटरिंग कर रहा है तो ये द्विपक्षीय मुद्दा कैसे है? जब पाकिस्तान के साथ शिमला समझौता हुआ, लाहौर घोषणापत्र जारी हुआ तो क्या ये द्विपक्षीय मुद्दा है या इंटरनल मैटर है ?

इस पर सत्ता पक्ष ने जोरदार आपत्ति जताई. खुद अमित शाह ने पूछा, क्या कांग्रेस कह रही है कि जम्मू-कश्मीर को यूनाइटेड नेशंस मॉनिटर कर रहा है?

अधीर रंजन चौधरी और अमित शाह के बीच बहस के दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी मौजूद थीं लेकिन दोनो चुप ही रहे. अधीर रंजन चौधरी ने खुद को घिरता देख कहा कि वो सिर्फ स्पष्टीकरण चाहते हैं.

‘भारत सभी राज्यों का संघ है’

इस पर अमित शाह ने कहा,  जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. इसके बारे में कोई शक नहीं है. जम्मू-कश्मीर की विधानसभा भी इसे स्वीकार कर चुकी है. जम्मू कश्मीर को आर्टिकल 1 के सारे प्रोविजन अप्लाई करते हैं. अनुच्छेद एक में क्या है. भारत सभी राज्यों का संघ है. इसके अंदर भारत की सीमाओं की चर्चा करते हुए राज्यों की लिस्ट है. उसमें 15वें नंबर पर जम्मू और कश्मीर का जिक्र है. इसके लिए कानून बनाने के लिए ये संसद, हमारी पंचायत अधिकृत है.

‘राष्ट्रपति की मंजूरी से मैं यहां उपस्थित’

जम्मू-कश्मीर के संविधान में भी इसकी स्पष्टता है. इसमें लिखा है कि जम्मू-कश्मीर भारतीय संघ का अभिन्न हिस्सा है. इसलिए कोई कानून बनाने के लिए कोई नहीं रोक सकता. इसी अधिकार के तहत कैबिनेट की अनुशंसा पर राष्ट्रपति की मंजूरी से मैं यहां उपस्थित हूं.

‘कश्मीर के लिए जान दे देंगे’

जब मैं जम्मू-कश्मीर बोलता हूं तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर इसके अंदर आता है. जान दे देंगे इसके लिए. आप (कांग्रेस की ओर) क्या बात करते हो. पाक अधिकृत कश्मीर और ऑक्साई चीन भी इसका हिस्सा है.

कांग्रेस का विरोध

केंद्र सरकार के इस फैसले का कांग्रेस संसद में भी पुरजोर विरोध कर रही है. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में कहा, “आप कहते हैं कि यह आतंरिक मामला है लेकिन इसे 1948 से यूएन देख रहा है. क्‍या यह एक आंतरिक मसला है? हमने शिमला समझौते और लाहौर घोषणा पर हस्‍ताक्षर किए हैं, क्‍या वह आंतरिक मामला है या द्विपक्षीय है?”

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