शीला दीक्षित के निधन पर भावुक हुईं सोनिया गांधी, बोलीं- ‘बड़ी बहन और दोस्त जैसी थीं’

शीला दीक्षित, तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. दिल्ली सरकार ने उनके सम्मान में दो दिन के शोक की घोषणा की है.
Sonia Gandhi, शीला दीक्षित के निधन पर भावुक हुईं सोनिया गांधी, बोलीं- ‘बड़ी बहन और दोस्त जैसी थीं’

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित को रविवार को सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की. उनका पार्थिव शरीर सुबह में उनके आवास से पार्टी मुख्यालय ले जाया गया. रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया. कांग्रेस के एक पदाधिकारी के अनुसार, दीक्षित की अंत्येष्टि निगमबोध घाट पर दोपहर बाद किया गया.

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी ने शनिवार को पार्टी की दिवंगत नेता शीला दीक्षित को उनके आवास पर जाकर श्रद्धांजलि दी. सोनिया, शीला की बहन रमा दीक्षित से मिलकर अपना दुख जताया. सोनिया ने कहा कि उनके लिए शीला दीक्षित सिर्फ कांग्रेस नेता नहीं बल्कि दोस्त और बहन समान थीं.

सोनिया गांधी शीला से जुड़े आत्मीय संबंधों को याद करते हुए कहा, ‘वो मेरे लिए एक बड़ा सपोर्ट रहीं. वो मेरी बड़ी बहन और दोस्त जैसी थीं. उनका जाना कांग्रेस के लिए बड़ा धक्का है. मैं और पार्टी के लोग उन्हें हमेशा याद रखेंगे. कई अर्थों में वो एक महान नेता थीं. दिल्ली उन्हें कभी भुला नहीं पाएगी.’

गौरतलब है कि गांधी परिवार के साथ शीला के दीक्षित के अच्छे रिश्ते रहे हैं. पहले राजीव गांधी ने शीला को कैबिनेट में मंत्री बनाया था तो वहीं सोनिया गांधी ने उन्हें दिल्ली की बागडोर सौंप दी थी.

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित का निधन शनिवार की शाम दिल का दौरा पड़ने से हुआ. उन्होंने यहां के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली. वह 81 साल उम्र की थीं. उनका पार्थिव शरीर शनिवार शाम से रविवार की सुबह तक दक्षिणी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित उनके आवास पर रखा गया था. उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए.

रविवार की सुबह वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी व सुषमा स्वराज व जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उनके आवास पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की.

Sonia Gandhi, शीला दीक्षित के निधन पर भावुक हुईं सोनिया गांधी, बोलीं- ‘बड़ी बहन और दोस्त जैसी थीं’

शीला दीक्षित, तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. दिल्ली सरकार ने उनके सम्मान में दो दिन के शोक की घोषणा की है.

श्रद्धांजलि देने पहुंचे अन्य नेताओं में कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज पाटिल, अहमद पटेल व जगदीश टाइटलर, लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) नेता शरद यादव और मार्क्‍सवाद कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सीताराम येचुरी व वृंदा करात शामिल हैं.

शीला दीक्षित के आवास से निकलने के बाद सिंधिया ने कहा, “वह समाज के कल्याण के लिए जीवनभर समर्पित रहीं. यहां तक की जीवन के इस पड़ाव में भी वह हमेशा जनता की आवाज बनी रहीं.”

दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद शरद यादव ने कहा, “वह मां जैसे स्वभाव की थीं और कोई दावा नहीं कर सकता कि उन्होंने किसी के साथ अभद्रता की हो. मैंने उनके कार्यकाल में दिल्ली को बदलते देखा है.”

पूर्व मुख्यमंत्री का पार्थिव शरीर ‘शीला दीक्षित अमर रहें’ नारे के बीच शाम 5.30 बजे उनके आवास पर लाया गया. उसके बाद से वहां पार्टी व अन्य पार्टियों के नेताओं का तांता लगा रहा.

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