स्पेशल ब्रांच और इंटेलिजेंस विंग ने भेजे थे 6 अलर्ट, फिर भी दिल्ली हिंसा को नहीं रोक पाई पुलिस

हालांकि दिल्ली पुलिस ने अलर्ट्स मिलने के बावजूद लापरवाही करने के आरोपों को खारिज किया है. पुलिस का कहना है कि अलर्ट मिलने के बाद हिंसा को रोकने का उन्होंने हर संभव प्रयास किया था.
Delhi Police couldn't stop violence, स्पेशल ब्रांच और इंटेलिजेंस विंग ने भेजे थे 6 अलर्ट, फिर भी दिल्ली हिंसा को नहीं रोक पाई पुलिस

नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के इलाकों में हिंसा होने की संभावना के चलते रविवार को दिल्ली पुलिस को छह अलर्ट भेजे गए थे. इतना ही नहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यवाहक कपिल शर्मा द्वारा नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के मौजपुर में एक सभा बुलाए जाने के बाद पुलिस की तैनाती की मांग भी की गई थी.

रविवार की शाम नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के कई इलाकों में झड़पें हुईं, जिसने अगले दिन यानी सोमवार को दंगे का रूप ले लिया. इन दंगों में 43 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए हैं. अलर्ट भेजने के बावजूद भी दिल्ली पुलिस समय पर कार्रवाई करने में विफल रही.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पेशल ब्रांच और खुफिया विभाग ने वायरलेस रेडियो मैसेज के जरिए कई अलर्ट दिल्ली पुलिस को भेजे थे. रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहला अलर्ट तब भेजा गया था जब कपिल मिश्रा ने दोपहर 1.22 बजे ट्वीट कर लोगों से दोपहर 3 बजे मौजपुर चौक पर इकट्ठा होकर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का समर्थन करने को कहा था.

टीओआई ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा, टकराव की आशंका को देखते हुए, खुफिया विभाग ने स्थानीय पुलिस को क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने की सलाह दी थी. अन्य अलर्ट तब भेजे गए जब इलाके से पत्थरबाजी की खबरें आने लगी और लोग कॉलोनियों में इकट्ठा होने लगे थे.

हालांकि दिल्ली पुलिस ने अलर्ट्स मिलने के बावजूद लापरवाही करने के आरोपों को खारिज किया है. रिपोर्ट के अनुसार, बिना नाम बताएं एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने अलर्ट मिलने के बाद हिंसा को रोकने का हर संभव प्रयास किया था.

 

ये भी पढ़ें-    दिल्ली हिंसा जांच: गोली से ज्यादा ‘गुलेल’ ने मचाई तबाही, सैकड़ों हुईं बरामद

‘कागज नहीं दिखाएंगे’ कहने वाले लोग मांग रहे रामलला के जन्मस्थान का सबूत: रविशंकर प्रसाद

 

Related Posts