ले. जनरल डीएस हुड्डा बोले- उरी हमले से एक साल पहले ही तैयार किया था स्पेशल फोर्स को

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा पूर्व उत्तरी थल सेना कमांडर रहे हैं. उन्होंने सेना की उत्तरी कमान का उस वक्त नेतृत्व किया था, जब विशेष बल (स्पेशल फोर्स) कमांडो ने उरी आतंकी हमले के बाद सितंबर 2016 में सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक किया था.

नई दिल्ली: लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा ने गोवा के पणजी में आयोजित एक कार्यक्रम में सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर बड़ा खुलासा किया है. डीएस हुड्डा के इस बयान से सियासत में संग्राम मच सकता है. डीएस हुड्डा ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के लिए उरी आतंकवादी हमले से तकरीबन साल भर पहले विशेष बलों को प्रशिक्षित किया गया था.

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा पूर्व उत्तरी थल सेना कमांडर रहे हैं. उन्होंने सेना की उत्तरी कमान का उस वक्त नेतृत्व किया था, जब विशेष बल (स्पेशल फोर्स) कमांडो ने उरी आतंकी हमले के बाद सितंबर 2016 में सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक किया था.

डी.एस हुड्डा ने कहा, ‘मौजूदा सरकार ने सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट में हवाई हमले की अनुमति देने में निश्चित रूप से महान राजनीतिक संकल्प दिखाया है. लेकिन इससे पहले भी आपकी सेना के हाथ नहीं बंधे थे.’

हुड्डा ने उरी आतंकी हमले को याद करते हुए कहा, ‘उस शाम, मैं चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के साथ था. और हम तंबुओं की राख की चार इंच मोटी परत से गुजरते हुए कह रहे थे कि हमें कुछ करना है, हम इसे ऐसे ही जानें नहीं दे सकते.’ उन्होंने कहा, जब हम विकल्पों के बारे में बात कर रहे थे, तब हमें इस बात ने मदद की कि पिछले एक साल से हम ऐसी एक अकस्मात स्थिति के लिए प्रशिक्षण में जुटे थे. हम नहीं जानते थे कि यह मौका कब आएगा.

हुड्डा ने कहा, उरी हमले से पहले पिछले एक साल से स्पेशल फोर्सेज को इसके लिए तैयार किया जा रहा था. यदि हमें सीमा पार पाकिस्तान में धावा बोलना चाहिए, तो हमें क्या करना होगा. उन्होंने कहा, हमने सीमा पार पांच आतंकी शिविरों को निशाना बनाने का फैसला किया. उन्होंने कहा, सौभाग्य से हमने उन्हें चकित कर दिया.