उपराष्ट्रपति के घर में चली नैतिकता की क्‍लास, श्री श्री रविशंकर ने सांसदों को बताया ध्यान-योग का महत्व

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के दिल्ली आवास पर आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने क्रोध और तनाव पर नियंत्रण के गुर सिखाए.
Sri Sri Ravi Shankar preached Vice President house, उपराष्ट्रपति के घर में चली नैतिकता की क्‍लास, श्री श्री रविशंकर ने सांसदों को बताया ध्यान-योग का महत्व

आध्यात्मिक गुरु और ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने बुधवार को उपराष्ट्रपति भवन में जीवन के कई नैतिक पहलुओं पर चर्चा की. इस दौरान करीब 30 सांसद, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और कई सांसद मौजूद रहे.

श्री श्री रविशंकर ने मानसिक शुद्धि के लिए योग और ध्यान का महत्व बताया और उन्हें नियमित अभ्यास करने का सुझाव दिया. इसके अलावा उन्होंने पूरी नींद लेने और सांस क्रिया पर ध्यान केंद्रित करने पर भी जोर दिया.

क्रोध पर नियंत्रण से जुड़े एक सवाल के जवाब में श्री श्री रविशंकर ने कहा, ‘‘क्रोध बुरा नहीं है, अगर यह क्षणिक है. इस पर नियंत्रण के लिये उन्होंने योग और ध्यान को नियमित अभ्यास के तौर पर अपनाने का सुझाव दिया.

इस मौके पर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी और संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन के अलावा विभिन्न दलों के नेता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

नायडू ने जीवन को शांतिपूर्ण एवं उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिये आध्यात्मिक समझ को महत्वपूर्ण बताते हुये कहा कि भारतीय दर्शन इस समझ को विकसित करने में मददगार है. नायडू ने कहा कि महान भारतीय परंपरा में जीवन की सामान्य समस्याओं के समाधान के लिये बुजुर्गों, ऋषि मुनियों और गुरुओं का मार्गदर्शन प्राप्त करने की व्यवस्थित परिपाटी है.

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