हिमाचल प्रदेश : स्पीति घाटी घूमने का प्लान बनाने वालों के लिए बुरी खबर, कोरोना ने कैंसल कराई आपकी ट्रिप

कोरोना वायरस (Coronavirus) का असर हर क्षेत्र पर पड़ रहा है. अब इसका असर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में पर्यटन पर भी दिखने लगा है, जिसका सबूत है स्पीति घाटी (Spiti Valley) का बंद होना.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 11:18 pm, Thu, 17 September 20

कोरोनाकाल में पूरा देश कुछ जरूरी नियमों और गाइडलाइंस का पालन कर रहा है. इसी सिलसिले में हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की स्पीति घाटी (Spiti Valley) को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है. हालांकि हिमाचल सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए अपने राज्य की सीमाओं को खोला हुआ है.

स्पीति टूरिज्म सोसाइटी ने बुधवार को कहा, ‘हम बहुत अफसोस के साथ स्पीति घाटी की सैर करने का प्लान बना रहे पर्यटकों और यात्रियों को बताना चाहता हैं कि स्पीति घाटी पर्यटकों के लिए 31 अक्टूबर 2020 तक के लिए बंद कर दी गई है.’ इस दौरान हिमाचल की सैर करने वाले यात्रियों को स्पीति घाटी में जीप सफारी, पैकेज टूर, कैंपिंग और ट्रेकिंग सहित किसी भी पर्यटन गतिविधि की अनुमति नहीं होगी.

सभी ने मिलकर लिया फैसला

घाटी में पर्यटन को बंद करने का फैसला यहां के स्थानीय लोगों ने मिलकर लिया है. इसमें होटल मालिकों, होमस्टे मालिकों, गाइडों, ट्रैवल एसोसिएट्स, कैब ड्राइवर, पंचायत प्रतिनिधि, स्थानीय निवासी और CPMSD शामिल हैं. सभी ने बैठक में घाटी के संबंध में ये फैसला लिया. बैठक में घाटी के युवाओं और महिला संगठनों ने भी हिस्सा लिया.

CPMSD सदस्य सोनम तरगे ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों के संबंध में ये फैसला लिया गया है. स्पीति के ऊंचाईयों पर कुछ इलाकों में सीमित मेडिकल सुविधाएं, अंडरडेवलप इंफ्रस्ट्रक्चर और ठंड के साथ भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे कोरोनाकाल में पर्यटकों के लिए बंद किया गया है.

ठंड में मुश्किल हो जाएंगी परिस्थितियां

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सर्दियां करीब आएंगी घाटी में परिस्थियां और कठिन हो जाएंगी. ऐसे में किसी व्यक्ति को मेडिकल हेल्प के लिए स्पीति से बाहर ले जाना पड़ेगा, ठंड के मौसम के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना संभव नहीं होगा.

तारगे ने कहा कि हमने तय किया हम ठंड से पहले घाटी में कोरोना फैलने का जोखिम नहीं उठा सकते. उन्होंने कहा कि पर्यटन बंद करने से हमारे सामने कई मुश्किलें आएंगी क्योंकि पूरी घाटी इसी पर निर्भर है लेकिन कोरोना को स्पीति में फैलने से रोकने के लिए ये फैसला एक जरूरी कदम है.

उन्होंने कहा कि हमें पता था कि राज्य सरकार दूसरे प्रदेश से आने वाले लोगों के लिए राज्य की सीमाएं खोले देगी क्योंकि सरकार को हर पहलू के साथ हिमाचल की इकोनॉमी पर भी ध्यान देना है.

अनिवार्य हो कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट

तारगे ने कहा कि सरकार ने कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट को यात्रियों के लिए अनिवार्य करने के फैसले को वापस ले लिया है. सरकार इस फैसले पर दोबारा विचार करे और कोविड नेगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य करे. ये राज्य को कोरोना से बचाव में सहायक साबित होगा.