आज़मगढ़ में गरजीं प्रियंका गांधी, कहा- ‘देश बचाने की इस लड़ाई का हिस्सा हूं, मुझे फख्र है’

पीड़ित महिलाओं ने महासचिव प्रियंका गांधी से बताया, "सीएए और एनआरसी के खिलाफ 4 फरवरी को 10 बजे से शांतिपूर्ण तरीके से बिलरियागंज में मौलाना अली जौहर पार्क में धरना शुरू किया गया.
Azamgarh Priyanka Gandhi, आज़मगढ़ में गरजीं प्रियंका गांधी, कहा- ‘देश बचाने की इस लड़ाई का हिस्सा हूं, मुझे फख्र है’

नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार को आज़मगढ़ पहुंचीं. यहां उन्होंने सीएए और एनआरसी के खिलाफ बिलरियागंज में चल रहे आंदोलन में हुई पुलिस कार्रवाई की शिकार हुईं पीड़ित महिलाओं से मुलाकात कीं.

पीड़ित महिलाओं ने महासचिव प्रियंका गांधी से बताया, “सीएए और एनआरसी के खिलाफ 4 फरवरी को 10 बजे से शांतिपूर्ण तरीके से बिलरियागंज में मौलाना अली जौहर पार्क में धरना शुरू किया गया. अगले दिन सुबह में करीब चार बजे आज़मगढ़ के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान पूरी फोर्स के साथ आए. अधिकारियों ने महिलाओं को समझाने के लिए मौलाना ताहिर मदनी को बुलाकर लाए. एक पुलिस अधिकारी ने खुलेआम धमकी दी और कहा कि हम बवाल करना चाहते हैं.

पीड़ित महिलाओं ने कहा कि वे लगातार प्रशासन से कह रहीं थीं कि फ़ज़र की नमाज़ अदा करके चली जाएंगी लेकिन पुलिस अधिकारियों ने लाठीचार्ज कर दिया. आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां महिलाओं के ऊपर चलाईं. सिर्फ इतना ही नहीं पुलिस ने महिलाओं के ऊपर पथराव भी किया जिसमें करीब तीन दर्जन महिलाएं घायल हुईं. कई बच्चे जख्मी हुए. पुलिस पथराव में सरवरी बानों इतनी गंभीर रूप से घायल हुईं कि सात दिन से वे आईसीयू में हैं.

महासचिव से बातचीत में महिलाओं ने कहा कि कई बच्चे हैं जो नाबालिग हैं, पुलिस उनको उठाकर ले गयी है. उनके ऊपर संगीन धाराओं में मुकदमें दर्ज किए गए हैं. महासचिव से बातचीत में पीड़ित महिलाओं ने कहा कि कई बच्चे हैं जिनकी परीक्षाएं हैं, उनको भी जेल में उठाकर पुलिस ने डाल दिया है.

प्रियंका गांधी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके बीच में आकर मेरे दिल को तसल्ली मिली कि मैं आप सबके दुःख और संघर्ष का हिस्सा बनीं. प्रियंका ने कहा कि इसके पहले वे बिजनौर, मुजफ्फरनगर, लखनऊ, बनारस गयी. वहां लोगों से मिली. उत्तर प्रदेश जहां भी दमन होगा, अत्याचार होगा, नाइंसाफी होगी, वहां वे जाएंगी और सबके दुःख- दर्द का हिस्सा बनेंगी. यह मेरा फ़र्ज़ है. मुझे कोई भी रोक नहीं सकता.

महासचिव ने कहा कि CAA/NRC के खिलाफ चल रहे आंदोलनों में हुई पुलिसिया हिंसा को लेकर मानवाधिकार आयोग में शिकायत की है. पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव तलब किये गये हैं. प्रदेश में जहां भी उत्पीड़न-दमन होगा, मैं आवाज बुलंद करुंगी. उन्होंने कहा कि आज़मगढ़ बिलरियागंज के पुलिसिया उत्पीड़न की रिपोर्ट भी मानवाधिकार आयोग को वे भेजेंगी.

उन्होंने कहा कि यह देश बचाने की लड़ाई है. अपनी गौरवशाली विरासत को बचाने की लड़ाई है. संविधान बचाने की लड़ाई है. इस लड़ाई में हम भी इंच भर पीछे नहीं हटेंगे और देश बचाने की इस लड़ाई का हिस्सा हूं, मुझे फक्र है.

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