जॉनसन एंड जॉनसन के इस प्रोडक्ट की बिक्री पर तत्काल रोक, जांच में पाए गए कैंसरकारी तत्व

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने तुरंत प्रभाव से इस कंपनी के प्रोडक्ट को बाजार से हटाने का निर्देश दिया है.

नई दिल्ली: बच्चों के जन्म लेने के तुंरत बाद से ही लोग जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के प्रोडक्ट इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन अब आप इसके प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचेंगे. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने तुरंत प्रभाव से इस कंपनी के प्रोडक्ट को बाजार से हटाने का निर्देश दिया है.

आयोग ने राजस्थान के ड्रग कंट्रोलर की रिपोर्ट के आधार पर एक ऑर्डर जारी कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव को लिखा कि जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी शैम्पू की बिक्री को अगले नोटिस तक रोकी जाए साथ ही सभी प्रोडक्ट्स को मार्केट से हटाने का आदेश दिया.

बच्चों के जरुरत का सामान बनाने वाली अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन इससे पहले भी विवादों में घिर चुकी है. इस बार राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) बाल अधिकारों से जुड़े शीर्ष संगठन ने अधिकारियों से जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी शैम्पू, पाउडर के नमूनों की जांच रिपोर्ट मांगी है.

हालांकि जॉनसन एंड जॉनसन कम्पनी यह दावा करती रही है कि शैम्पू सुरक्षित और नियामक मानकों के अनुकूल है. पर अब बेबी शैम्पू के साथ पाउडर भी शक के दायरे में है इसलिए एनसीपीसीआर ने राजस्थान के ड्रग कंट्रोलर के अधिकारियों से टैलकम पाउडर के नमूनों की जांच की रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.

राजस्थान ड्रग कंट्रोल की रिपोर्ट में बेबी शैम्पू में कैसरकारी तत्वों की मौजूदगी पाई गई जिनसे कैंसर हो सकता है. इस रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए एनसीपीसीआर ने यह कदम उठाया है. साथ ही एनसीपीसीआर ने इस मामले में हर क्षेत्र के कुछ राज्यों के मुख्य सचिवों को जॉनसन एंड जॉनसन बेबी टैलकम पाउडर और शैम्पू का नमूना एकत्र करवाने पर ध्यान देने को कहा है. इन राज्यों में दक्षिण से आंध्र प्रदेश, पूर्व से झारखंड, पश्चिम से राजस्थान, मध्य भारत से मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर से असम शामिल हैं.