जब एक चोर की वजह से दुनिया की सबसे फेमस पेंटिंग बन गई मोनालिसा, जानिए पूरा किस्सा

दुनिया के सबसे बेहतरीन पेंटिंग्स की जब भी बात होती है तो एक नाम जो अधिकतर लोगों के दिमाग में आता है वो है 'मोना लिसा'. Mona Lisa पेंटिंग को 500 साल पहले मशहूर पेंटर 'लिओनार्दो डा विन्ची' ने बनाया था, उन्हें इस पेंटिंग को बनाने में 14 साल लग गए थे.

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दुनिया के सबसे बेहतरीन पेंटिंग्स की जब भी बात होती है तो एक नाम जो अधिकतर लोगों के दिमाग में आता है वो है ‘मोना लिसा’. Mona Lisa दुनिया की सबसे चर्चित पेंटिंग है ऐसा इसलिए क्योंकि इस पेंटिंग के बारे में अब तक सबसे ज्यादा लिखा, पढ़ा और रिसर्च की जा चुकी है. इस पेंटिंग को 500 साल पहले मशहूर पेंटर लिओनार्दो डा विन्ची (Leonardo da Vinci) ने बनाया था, उन्हें इस पेंटिंग को बनाने में 14 साल लग गए थे.

सिर्फ होंठ बनाने में लग गए थे 12 साल

‘मोना लिसा’ का मतलब माई लेडी होता है. कई लोगों का मानना है की दुनिया में कितनी भी मशहूर व अच्छी पेंटिंग क्यों न हो लेकिन मोना लिसा पेंटिंग के आगे टिक नहीं पाती, ये न केवल एक पेंटिंग है बल्कि अपने आप में एक रहस्य. इस तस्वीर की सबसे बड़ी खासियत है इसकी मुस्कान जिस पर कई शोध किए जा चुके हैं. Mona Lisa पेंटिंग में बने चेहरे की मुस्कान हर कोने से अलग ही एंगल में दिखाई देती है. पहले यह काफी ज्यादा दिखाई देती है, धीरे-धीरे यह फीकी पड़ने लगती है, आखिर में तो यह पूरी तरह से खत्म हो जाती है. मोनालिसा के सिर्फ होंठ बनाने के लिए ‘लिओनार्दो डा विन्ची’ को 12 साल लग गए ​थे.

चोरी की वजह से फेसम हो गई पेंटिंग

लेकिन वो क्या है जो इसे इतना प्रसिद्ध बनाता है.. इसकी मुस्कान, इसकी बनावट या इसे बनाने वाले का नाम..? दरअसल ‘मोना लिसा’ हमेशा से इतनी फेमस नहीं थी. इसके प्रसिद्ध होने के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है. यह पेंटिंग एक चोर की वजह से प्रसिद्ध हुई थी. जब मोनालिसा की चोरी हुई तब इस पेंटिंग बारे में अधिकतर लोगों को पता ही नहीं था. लेकिन उस चोरी की घटना ने इसे दुनिया की सबसे चर्चित पेंटिंग बना दिया.

एक दिन तक पता नहीं चला कि पेंटिंग चोरी हो गई

21 अगस्त 1911 को मोनालिसा पेंटिंग को पेरिस के लूव्र संग्रहालय से चोरी कर लिया गया. इतने बड़े म्यूजियम से पेंटिंग का चोरी हो जाना बहुत ही बड़ी बात थी. इसके चोरी होने के बाद पहला शक पेंटर पाब्लो पिकासो पर लगा था. उनसे काफी पूछताछ के बाद यह आरोप उन पर से हटा दिया गया था. इसकी चोरी के बाद एक हफ्ते तक म्यूजियम को बंद कर दिया गया था कि पेंटिंग शायद म्यूजियम में ही अंदर कहीं होगी. काफी खोज के बाद पता लगा कि इसे म्यूजियम में ही काम करने वाले विन्सेन्जो पेरुगिया ने उसे चुराया था.

दरअसल, विन्सेन्जो संग्रहालय में मोनालिसा की पेंटिंग के लिए एक कांच का फ्रेम बना रहा था. एक दिन अपना काम खत्म करने के बाद वो बाहर निकलने के बजाय आर्ट गैलरी में ही रुका रहा और वहां एक अलमारी में जाकर छिप गया. सारी रात वहीं रहने के बाद सुबह होते ही वह आर्ट गैलरी से निकल गया उसने अपने कोट के अंदर मोनालिसा की पेंटिंग को मोड़कर छिपा लिया था.

इस पेंटिंग के चोरी हो जाने के बारे में करीब 1 दिन तक किसी को पता नहीं चला. चोरी के दूसरे दिन जब एक पेंटर मोनालिसा की पेंटिंग का स्केच बनाने आया तब लोगों को इस चोरी के बारे में पता चला. चोरी होने से पहले मोनालिसा की पेंटिंग पर मुश्किल से कोई गार्ड होता था. इतना ही नहीं पेंटिंग दीवार से चिपकाई भी नहीं गई थी जिससे कोई भी उसे आसानी से निकाल सकता था. लेकिन एक चोर ने मोनालिसा को खबरों में ला दिया उस समय प्रकाशित होने वाले सभी अखबारों के फ्रंट पेज पर मोनालिसा की तस्वीर छापी गई. मोनालिसा की पेंटिंग इतनी मशहूर हो गई कि आर्ट गैलरी में खाली जगह देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां आने लगे.

2 साल बाद जाकर मिली तस्वीर

चोरी होने के दो साल तक इस पेंटिंग को ढूंढा नहीं जा सका था. कई कोशिशों के बावजूद पुलिस चोर तक नहीं पहुंच पाई और लोगों ने यह मान लिया था अब इसके मिलने की कोई संभावना भी नहीं है. इसी बीच फ्लोरेंस के एक आर्ट डीलर के पास एक दिन एक लेटर आया जिसमें मोनालिसा को खरीदने के बारे में लिखा था. डीलर ने मोनालिसा की पेंटिंग को खरीदने से पहले पेंटिंग को परखने की बात कही. जब इसकी जांच की गई तो इसके असली होने का पता चला. जिसके बाद इसे चोरी करने के जुर्म में विन्सेन्जो पेरुगिया को गिरफ्तार कर लिया गया.

चोर बोला, तस्वीर से प्यार हो गया था

इस चोरी पर उसका कहना था कि उसे इस तस्वीर से प्यार हो गया था. साथ ही वह उसे उसकी असली जगह इटली पहुंचाना चाहता था. उस समय 32 साल के रहे विन्सेन्जो को चोरी के लिए 7 महीने की जेल हुई. इस घटना के बाद इटली में विन्सेन्जो पेरुगिया वहां के लोगों के लिए एक देश भक्त होने का उदाहरण बन गया. पेंटिंग को फिर से लूव्र संग्रहालय ले आया गया और तब से यह वहीं है और इसे देखने के लिए लाखों लोग हर साल दुनिया के हर कोने से आते हैं.

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