इसने मुक्ति के लिए जेल में पांच करोड़ बार पढ़े गायत्री मंत्र

नयी दिल्ली पांच साल में पांच करोड़ बार गायत्री मंत्र की माला जपना और फिर हनुमान चालीसा का पाठ, तब जाकर कहीं दिल को तसल्ली आयी और मुक्ति का मार्ग दिखाई देने लगा. अपनी पत्नी नैना साहनी को मारकर, शव को तंदूर में मक्खन डालकर जलाने की कोशिश करने वाले पूर्व कांग्रेसी नेता सुशील शर्मा […]

नयी दिल्ली
पांच साल में पांच करोड़ बार गायत्री मंत्र की माला जपना और फिर हनुमान चालीसा का पाठ, तब जाकर कहीं दिल को तसल्ली आयी और मुक्ति का मार्ग दिखाई देने लगा. अपनी पत्नी नैना साहनी को मारकर, शव को तंदूर में मक्खन डालकर जलाने की कोशिश करने वाले पूर्व कांग्रेसी नेता सुशील शर्मा की जेल की कहानी कुछ कुछ ऐसी ही है.

करीब दो दशक तक जेल में बंद रहने वाले इस शख्स के चेहरे पर अब पश्चात्ताप के भाव हैं. सुशील बताते है कि जब वो जेल पहुंचे तो उनका मन किया कि अब वो खुदकुशी करके अपनी जीवनलीला समाप्त कर लें, लेकिन एक वैद्य के मिलने के बाद उनका इरादा बदल गया. 24 जनवरी को अपना 60वां जन्मदिन मनाने वाले सुशील से वैद्य ने कहा कि सुसाइड करने से बेहतर है कि ढाई करोड़ बार तुम गायत्री मंत्र का जप करो, इससे तुम्हे पाप से मुक्ति मिल जायेगी.

हर रोज़ चालीस माला
रिपोर्टों के मुताबिक़ और कोई रास्ता सूझता न देख जेल में सुशील ने हर रोज़ करीब चालीस माला गायत्री मंत्र के जपने शुरू कर दिए. साढ़े पांच साल बाद जब गिनती शुरू की तो पता चला कि साढ़े पांच करोड़ गायत्री मंत्र के जप पूरे हो चुके हैं. मन को काफी शान्ति मिली और फिर इसके बाद हनुमान चालीसा पढ़नी शुरू कर दी. शर्मा को ये पते की बात बताने वाले वैद्य अपने पूरे परिवार के साथ दहेज़ हत्या के मामले में जेल में बंद थे.

मैं पेशेवर अपराधी नहीं
हालांकि जघन्य अपराध करने वाला अब अपने किये पर शर्मिन्दा है. उसका कहना है कि मैं पेशेवर अपराधी नहीं हूँ. तैश में आकर उठाये गए कदम से कइयों की जिंदगी नरक बन गयी. बकौल सुशील जेल में बंद 90 फीसदी पेशेवर अपराधी नहीं हैं बल्कि ये वो लोग हैं जो आवेश में आकर संगीन जुर्म कर डालते हैं. नयी जिंदगी की चाह रखने वाले शर्मा बताते है कि वो अब अपने मां बाप की सेवा करना चाहते हैं.

अब काउंसिलिंग
राजनीति की तरफ अब मुंह न करने की ठान चुके सुशील पैरेंट्स की सेवा के अलावा मैडिटेशन और भगवान का शुक्रिया अदा करके अपने दिन काट रहे हैं. माँ बाप की सेवा के बाद वो ऐसे जोड़ों की काउंसिलिंग करने का मन बना चुके हैं, जिनमें अनबन चल रही है.