मोदी सरकार अयोध्‍या में राम मंदिर कैसे बनवा सकती है, सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने बताया

2019 के घोषणापत्र में भाजपा ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण की सभी संभावनाओं को तलाशा जाएगा.
मोदी सरकार, मोदी सरकार अयोध्‍या में राम मंदिर कैसे बनवा सकती है, सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने बताया

नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद अयोध्‍या में राम मंदिर को लेकर माहौल बनाया जाने लगा है. पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बयान देकर इशारा किया, अब BJP के राज्‍यसभा सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने नरेंद्र मोदी सरकार से मंदिर बनाने को जमीन मांगी है.

स्‍वामी ने एक ट्वीट में कहा, “पिछले पांच साल से राम मंदिर का काम अधूरा पड़ा है. जब तक मैं नई याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट नहीं गया, तब तक यह मामला ठंडे बस्‍ते में पड़ा रहा. मैंने याचिका में वहां पूजा करने का अपना मूल अधिकार मांगा जहां मेरा धर्म कहता है कि राम जन्‍मे थे. अब मैं इसे (राम मंदिर) बनाने के लिए नमो सरकार से राष्‍ट्रीयकृत जमीन की मांग करता हूं.”

एक और ट्वीट में स्‍वामी ने कहा, “1 जुलाई से मैं सुप्रीम कोर्ट वापस जा रहा हूं ताकि वह नमो सरकार को निर्देश थे कि राम सेतु को फौरन राष्ट्रीय धरोहर स्मारक और कम से कम 10 हजार साल पुराना अभियांत्रिकी का अजूबा घोषित किया जाए. अच्‍छा होगा अगर नमो जून में इसका आदेश दें और फौरन ऐलान कर दें.”

स्‍वामी के बयान पर कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि “यह मामला अदालत में है. हम लोगों को SC पर विश्वास रखना चाहिए. जहां तक आस्था का सवाल है, सबकी अपनी आस्था है. सुब्रमण्यम स्वामी की अपनी विचारधारा है. वह स्वयं केस लड़ रहे हैं.”

मोदी सरकार के 2014 में सत्ता में आने के बाद से इस मुद्दे पर एक बार को छोड़कर कभी प्रत्यक्ष रूप से कुछ नहीं कहा. इस साल जनवरी में एक साक्षात्कार में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार किया जाना चाहिए.

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