बिहार: जूनियर इंजीनियर मेरिट लिस्‍ट में सनी लियोनी, BVCZBNNB और ओमपुरी के बेटे ने किया टॉप

बिहार. बिहार पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग (PHED) के जूनियर सिविल इंजीनियर के 214 पदों के लिए हुई भर्ती की मेरिट लिस्ट में सनी लियोनी ने टॉप किया है. हां आपने सही पढ़ा. मेरिट में पहला नाम सनी का ही है. सनी लियोनी ने PHED जूनियर इंजीनियर के लिए आवेदन किया और उनका नाम मेरिट में टॉप […]

बिहार. बिहार पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग (PHED) के जूनियर सिविल इंजीनियर के 214 पदों के लिए हुई भर्ती की मेरिट लिस्ट में सनी लियोनी ने टॉप किया है. हां आपने सही पढ़ा. मेरिट में पहला नाम सनी का ही है. सनी लियोनी ने PHED जूनियर इंजीनियर के लिए आवेदन किया और उनका नाम मेरिट में टॉप पर आया. वो अब जूनियर सिविल इंजीनियर के रूप में राज्य की सेवा करेंगी!

क्या है कहानी

बिहार सरकार के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग ने जूनियर इंजीनियर की मेरिट लिस्ट जारी की, जिसमे सनी लियोनी टॉपर है. सनी लियोनी को 98.5 अंक प्राप्त हुए हैं. ये अंक अकेडमिक पात्रता के आधार पर मिलते हैं. सनी के 98.5 अंकों में 73.5 शिक्षा के हैं और 25 अनुभव के आधार पर दिए गए हैं. बता दें कि ये बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी नहीं हैं, बल्कि इस महिला का नाम सनी लियोनी है. 13 मई, 1991 को जन्मी आवेदक के पिता का नाम लियोना लियोन है. उनका एप्लिकेशन आईडी जेईसी/0031211 है.

Sunny Leone tops junior Civil engineer exam conducted BY Bihar Public Health Engineering Department, बिहार: जूनियर इंजीनियर मेरिट लिस्‍ट में सनी लियोनी, BVCZBNNB और ओमपुरी के बेटे ने किया टॉप
मार्कशीट में सनी लियोनी का नाम टॉप पर.

मेरिट लिस्ट में ये भी गलतियां

दूसरे टॉपर का नाम निर्मल चक्रवर्ती है, जबकि उसके पिता का नाम ओम पुरी है. वहीं तीसरे टॉपर का नाम और पिता का नाम पढ़कर आप चौंक जाएंगे. पहले तो आप ये पढ़ ही नही पाएंगे. तीसरे नंबर पर BVCXZ नाम का आवेदनकर्ता  है, जिसने 92.89 स्कोर किया है.

सनी लियोनी ने खुद भी किया ट्वीट


संयुक्त सचिव ने दी सफाई

विभाग के सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव छुट्टी पर दिल्ली में हैं, वहीं संयुक्त सचिव अशोक कुमार ने TV9 को बताया कि 214 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, इन आवेदनों को जांच करने में और मेरिट लिस्ट जारी करने में विभाग से चूक हुई है.  साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि, उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग में प्राप्त किए गए अंक और कार्य अनुभव कंप्यूटर में भरकर भेजना था. इसी के आधार पर स्कोर जनरेट होता. लोगों ने गलत नाम डालकर स्कोर जनरेट किया. इसी कारण ऐसी गड़बड़ी हुई है.