भारत में जल्द दौड़ेगी सुपर स्पीड ट्रेन ‘मैग्लेव’, रोजगार देने का नया आइडिया, पढ़ें कई और पॉजिटिव खबरें

असम में कोरोना (Coronavirus) से संक्रमित सबसे उम्रदराज महिला ने वायरस को मात दे दी है. 100 साल की इस महिला का नाम माई हंदिकि है, जिन्होंने हाई ब्लड प्रेशन की परेशानी होने के बावजूद कोरोना को हरा दिया है.

देश और दुनिया में छाए कोरोना, अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और अन्य समस्याओं के बीच हम आपकी मुस्कान की फिक्र करते हैं और इसीलिए हम आपके लिए लाते हैं कुछ ऐसी अच्छी या पॉजिटिव खबरें (Positive News) जो आपके चेहरे पर एक लंबी सी मुस्कान दे जाती हैं. यहां आपको वही खबरें मिलेंगी जिन्हें पढ़कर आप अच्छा महसूस करेंगे. आपको पता चलेगा कि हमारे देश में क्या-कुछ नया हो रहा है. इतना ही नहीं, इस संकट के दौर में ये खबरें आपके अंदर उम्मीद की एक किरण भी जगा सकती हैं, क्योंकि आपको यह भी पता चलेगा कि कुछ लोग इस आपदा की घड़ी को भी कैसे एक अच्छे अवसर के तौर पर देख रहे हैं.

PM मोदी के जन्मदिन पर 71 फीट लंबा ‘नमो केक’

पीएम मोदी के 70 वे जन्मदिन को सेलिब्रेट करने के लिए 71 फीट लंबा शानदार केक बना कर कोरोना योद्धाओं को समर्पित किया गया है. इस केक को सूरत में ब्रेडलिनर बेकरी ने तैयार किया है, जिसकी लंबाई 71 फीट है और इसका वजन 771 किलो है. मोदी के जन्म दिन के मौके पर इस केक को बच्चों में बांटा गया है.

योगी आदित्यनाथ का बीजेपी सेवा सप्ताह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70वें जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के गोरक्षनाथ मंदिर में 110 दिव्यांगजनों को आर्टीफिशियल इक्वीपमेंट बांटे. उपहार बांटते वक्त सीएम योगी ने कहा कि दिव्यांग शब्द देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों को सम्मान दिलाया और उनके जन्मदिन के अवसर को बीजेपी सेवा सप्ताह के रूप में मना रही है.

भारत में जल्द ‘उड़ेगी’ सुपर स्पीड ट्रेन ‘मैग्लेव’

चीन और जापान के बाद जल्द ही भारत में भी मैग्लेव ट्रेन पटरी के ऊपर उड़ती हुई नजर आ सकती है. भारत में सुपर स्पीड ट्रेन लाने के लिए सरकारी कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने स्विस रैपिड एजी के साथ साझेदारी की है. ये समझौता पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को ध्यान में रखकर किया गया है. मैग्लेव ट्रेन की खासियत ये है कि ये ट्रेन पटरी पर दौड़ने के बजाय हवा में रहती है. इसके लिए ट्रेन को मैग्नेटिक फील्ड की मदद से बैलेंस किया जाता है.

100 साल की मरीज ने दी कोरोना को मात

असम में कोरोना से संक्रमित सबसे उम्रदराज महिला ने वायरस को मात दे दी है. 100 साल की इस महिला का नाम माई हंदिकि है, जिन्होंने हाई ब्लड प्रेशन की परेशानी होने के बावजूद कोरोना को हरा दिया है. हंदिकि 10 दिन तक हॉस्पिटल में कोरोना से लड़ने के बाद अब अपने घर लौट चुकी हैं.

दुनिया का सबसे बड़ा चॉकलेट म्यूजियम

स्वीटजरलैंड में चॉकलेट लवर्स के लिए दुनिया का सबसे बड़ा चॉकलेट म्यूजियम बनाया गया है. सात साल की कड़ी मेहनत से तैयार किए गए इस च़ॉकलेट म्यूजियम में 30 फीट ऊंचा चॉकलेट फाउंटेन भी मौजूद है, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस म्यूजियम की सबसे खास बात ये है कि यहां मौजूद हर एक चीज चॉकलेट से बनी है. फिर चाहे वो दरवाजें हो या दीवार. इस चॉकलेट म्यूजिम के अंदर दुनिया की सबसे बड़ी लिंट चॉकलेट शॉप भी है.

अयोध्या के हिंदू-मुस्लिम दोस्त ने पेश की मिसाल

अयोध्या में दो दोस्तों ने आपदा को अवसर में बदलने का काम किया है और हिंदू-मुस्लिम एकता की भी नई मिसाल पेश की है. टेलीकॉम सेक्टर में काम करने वाले सुल्तान और रोहित की जब नौकरी गई तो इन्होंने हार नहीं मानी और दोनों ने मिलकर टिफिन सर्विस का बिजनेस शुरू किया, जिसमें सफलता मिलने के बाद सुल्तान और रोहित की जोड़ी ने अयोध्या में तीन रेस्टोरेंट खोले, जिनमें उन्होंने करीब तीन हजार लोगों को रोजगार भी दिया.

रोजगार देने का नया आइडिया

मणिपुर की बिजयलक्ष्मी टोंगब्रम इन दिनों कोरोना काल में नौकरी खो चुकी महिलाओं को नया हुनर सिखा रही हैं. वे उन्हें कमल के फूलों के डंठल से धागे बनाना सिखा रही हैं, जिसके जरिए नौकरी गवां चुकी महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है. बता दें कि कमल के फूलों के डंठल से धागा बनाने से पहले बिजयलक्ष्मी कमल के फूलों की चाय भी बना चुकी हैं.

कोरोना से जंग में विज्ञान को बड़ी कामयाबी!

कोरोना से जंग में वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एंटीबॉडी प्रोटीन से 10 गुना छोटे आकार का एक जैविक अणु ढूंढ निकाला है, जो वायरस के शरीर में बिखरे छोटे से छोटे अंश को भी नष्ट करने की क्षमता रखता है. इस एंटीबॉडी को एबी8 नाम दिया गया है. रिसर्चर श्रीराम सुब्रह्मयम और उनकी टीम ने रिसर्च के दौराना पाया कि एबी8 दवा के जरिए चूहों और हैम्स्टर जीवों को कोरोना वायरस से बचाया जा सका और संक्रमित जीवों का सफल इलाज भी हुआ है.

बिजनेसमैन ने ऑफिस को बना दिया अस्पताल

गुजरात के एक बिजनेसमैन ने अपने ऑफिस में काम करने वालों के लिए दफ्तर को अस्पताल का रूप दे दिया है. बिजनेसमैन ने 84 बेड वाले अस्पताल को महज 20 दिन में तैयार कराया है. इस अस्पताल में 10 ICU बेड हैं. सभी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा है. यहां इलाज, खाना-पीना और दवाइयां तक मुफ्त में दी जा रही हैं. बिजनेसमैन ने ऐसा तब किया जब वो खुद कोरोना संक्रमित हुए और अस्पताल की ओर से उन्हे 12 लाख रूपए का बिल थमाया गया.

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