10% आरक्षण पर केंद्र को राहत, फैसले पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

जस्टिस एसए बोबड़े की अगुआई वाली एक पीठ 16 जुलाई से इस मामले में दलीलें सुनना शुरू करेगी.

नई दिल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है. अनारक्षित श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) को दिए गए 10% आरक्षण वाले फैसले पर रोक से SC ने इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 16 जुलाई को करने को कहा है. जस्टिस एसए बोबड़े की अगुआई वाली एक पीठ इस मामले में दलीलें सुनना शुरू करेगी.

याचिकाओं में कहा गया है कि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गो को दिया गया 10% आरक्षण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इससे पहले संविधान पीठ द्वारा आरक्षण के लिए निर्धारित 50 प्रतिशत की उच्चतम सीमा का उल्लंघन है.

वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि 10% आरक्षण के अंतर्गत एक बार नियुक्ति हो जाने के बाद इसे वापस लेना काफी मुश्किल होगा, जिसके बाद न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई.

न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि अदालत का कहना है कि इस तरह की सभी नियुक्तियां संविधान के 103 संशोधन को दी गई चुनौती के नतीजों के अधीन होगी, जोकि एससी/एसटी और ओबीसी को दिए जानेवाले 50 प्रतिशत आरक्षण से आगे जाकर 10 प्रतिशत आरक्षण मुहैया कराता है.

याचिका का विरोध करते हुए, अटॉनी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने कहा था कि इस बाबत आग्रह को फरवरी और मार्च में ठुकरा दिया गया था. धवन ने कहा था कि अदालत ने उस समय याचिका को सुनने से इनकार कर दिया था, लेकिन पूरी तरह से खारिज नहीं किया था.

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