’10 करोड़ और दो’, सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को इस शर्त पर दी विदेश जाने की इजाज़त

सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को जमानत के रूप में 10 करोड़ रुपये देने के बाद विदेश जाने की अनुमति दे दी.

नई दिल्‍ली: सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम को 9 से 21 मई के बीच अमेरिका और ब्रिटेन व जून में जर्मनी और स्पेन की यात्रा पर जाने की अनुमति दे दी है. प्रवर्तन निदेशालय आपराधिक मामलों में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ जांच कर रहा है. न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की सदस्यता और प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वर्तमान आदेश ‘इससे पहले लगाई गई शर्तो के अनुपालन की स्थिति पर निर्भर है.’

अदालत ने कार्ति चिदंबरम को जमानत के तौर पर 10 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश भी दिया. उनकी ओर से पेश वकील के वी. विश्वनाथन ने जमानत राशि भरने से छूट दिए जाने का आग्रह किया और अदालत को बताया कि जब पिछली बार वह विदेश गए थे, तब उन्होंने 10 करोड़ रुपये जमा कराए थे. प्रधान न्यायाधीश ने वकील से कहा, “आपके मुवक्किल के पास गुंजाइश है, उन्हें भरने दीजिए.”

कार्ति के खिलाफ क्‍यों चल रही जांच?

सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस बात की जांच कर रहे हैं कि कार्ति चिदंबरम को 2006 में एयरसेल-मैक्सिस सौदे में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी कैसे मिली, जब उनके पिता केंद्रीय वित्तमंत्री थे.

ईडी ने 25 अक्टूबर, 2018 को मामले में उनके और कुछ अन्य को नामजद करते हुए एक आरोपपत्र दाखिल किया था. पिछले साल जुलाई में, सीबीआई ने 18 लोगों के खिलाफ एक अन्य आरोप पत्र दाखिल किया था.

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