सेक्स वर्कर को बिना पहचान पत्र के दिया जाए राशन, SC का राज्य सरकारों को आदेश

कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारों में से किसी ने भी इनके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे चार हफ्ते के भीतर आदेश के कार्यान्वयन और इस फैसले से लाभान्वित हुए सेक्स वर्कर की संख्या के बारे में कोर्ट को सूचित करें.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 11:57 pm, Tue, 29 September 20
Supreme Court, sc
File Pic-Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से मंगलवार को राज्य सरकारों को यह निर्देश दिया गया कि वे उन सभी सेक्स वर्कर को बिना राशन कार्ड या किसी अन्य पहचान प्रमाण के सूखा राशन उपलब्ध कराएं, जिनकी पहचान राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) और जिला कानून अधिकारियों द्वारा की गई है.

जस्टिस एल. नागेश्वर राव और अजय रस्तोगी की खंडपीठ ने कोरोनावायरस महामारी (coronavirus pandemic) के दौरान बेसहारा हो गए सेक्स वर्कर के सामने आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया.

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पीठ ने कहा कि राज्य सरकारों में से किसी ने भी इनके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. शीर्ष अदालत ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे चार हफ्ते के भीतर आदेश के कार्यान्वयन और इस फैसले से लाभान्वित हुए सेक्स वर्कर की संख्या के बारे में कोर्ट को सूचित करें.

पीठ की तरफ से यह फैसला एनजीओ दरबार महिला समिति की एक आवेदन पर सुनवाई के दौरान किया गया, जिसमें देशभर में नौ लाख से अधिक महिला और ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर के लिए राहत की मांग की गई थी. (आईएएनएस इनपुट के साथ)

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