आकाश की ऊंचाई तक आम्रपाली ने लोगों से चीट किया है: सुप्रीम कोर्ट

धोनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को अदालत ने कंपनी को यह निर्देश दिया. धोनी ने आरोप लगाया था कि आम्रपाली ने उनके साथ कई करोड़ रुपयों की धोखाधड़ी की है.

नई दिल्ली: रियल एस्टेट ग्रुप आम्रपाली के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कंपनी को धोनी से संबंधित सभी लेन-देन और उनको किए गए भुगतान की विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया है.

आम्रपाली मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा ऑथोरिटी और बैंकर्स की मिलीभगत के कारण बायर्स ने सफर किया है. जो भी पॉवर फुल लोग इसके पीछे हैं, सब पर क्रिमिनल एक्शन लिया जाएगा. आम्रपाली ने बायर्स, बैंकों और अथॉरिटी सबको चीट किया है.

बता दें कि भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आम्रपाली सूमह द्वारा पेंटहाउस न दिए जाने और कंपनी द्वारा उनका नाम देनदारों की सूची में शामिल करने को लेकर सर्वोच्च अदालत पहुंच गए हैं. धोनी ने अपनी याचिका में लिखा है कि उन्होंने रांची में अम्रपाली सफारी में एक पेंटहाउस बुक किया था. साथ ही उन्होंने कहा है कि समूह के प्रबंधन ने उन्हें अपना ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया था.

धोनी ने कहा कि कंपनी ने उन्हें धोखा दिया है और ब्रांड एम्बेसडर के तौर पर जो बकाया राशि थी, उसका भी भुगतान नहीं किया है. धोनी ने 2009 से 2016 तक कंपनी का प्रचार किया था. इस क्रम में वह कंपनी के कई विज्ञापनों में देखे गए थे.

गौरतलब है कि आम्रपाली ग्रुप पर 45,000 होम बायर्स को घर नहीं देने का आरोप है. इस बात से नाराज होकर बहुत से लोगों ने इस ग्रुप के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया था. इस कैंपेन में महेंद्र सिंह धोनी ने लोगों का साथ देते हुए आम्रपाली ग्रुप से अलगाव कर लिया था. इस मामले में आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर अनिल कुमार, अजय कुमार और शोव प्रिया को हिरासत में भी लिया गया था.