उन्नाव केस में SC का आदेश- 7 दिन में पूरी हो एक्सीडेंट की जांच, CRPF मुहैया कराए सुरक्षा

लड़की की सुरक्षा में तैनात तीन पुसिलकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. इन्हें लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड किया गया है.

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव गैंगरेप केस में बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि पीड़िता व अन्य चोटिल को दिल्ली एम्स स्थानांतरित किया जा सकता है. सीबीआई ने इसके लिए हामी भर दी है. SG ने पीड़ित की मेडिकल रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को दी. कोर्ट को KGMC हॉस्पिटल ने बताया कि पीड़िता को एयरलिफ्ट किया जा सकता है. पीड़िता के वकील को भी एयरलिफ्ट किया सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर पीड़िता परिवार चाहे तो हम एयरलिफ्ट करने का आदेश दे सकते हैं. ट्रायल कोर्ट केस की प्रतिदिन सुनवाई कर 45 दिनों में इसका निपटारा करेगी. ट्रक दुर्घटना मामले की जांच सीबीआई 1 सप्ताह में पूरा करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता को 25 लाख का मुवावजा देने का आदेश दिया. साथ ही अब इन मामलों की सुनवाई रोजाना की जाएगी. सीजेआई ने निर्देश दिया कि सीआरपीएफ पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराए.

दिल्ली स्थानांतरित हुए सभी मामले
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश ने कहा कि हम सभी मामलों को दिल्ली स्थानांतरित कर रहे हैं. भले ही वो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर रेप पीड़िता के मामले से जुड़े हैं. हमें इस पर सात दिनों में स्टेटस रिपोर्ट एसजी से चाहिए. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या पिता की मौत पुलिस की कस्टडी में हुई है? इसके अलावा CJI ने उनकी गिरफ्तारी, पिटाई और मौत के बीच का अंतर पूछा है?

सीजेआई ने पीड़िता के हालात के बारे में पूछा. एसजी ने कहा कि वो वेंटिलेटर पर है. सीजेआई ने इस पर दुख जताया. एसीजी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा रोजाना 5800 पत्र आते हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले में निर्देशित प्रक्रिया के अनुरूप चलते हैं और हम पीड़िता और उसके परिवार के नामों से वाकिफ नहीं थे.

वकील ने SC से कहा कि कोई संरक्षण नहीं है. परिवार को और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. राज्य सरकार इसमें लापरवाही बरत रही है. इस पर सीजेआई ने पूछा कि पीड़िता के साथ उनके वकील को इलाज के लिए दिल्ली लाया जा सकता है? अगर हां तो हम तुरंत आदेश जारी करते हैं.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि इस मामले में चार fIR हुई हैं. ये आरोपियों और पीड़ित द्वारा एक-दूसरे पर दर्ज कराई गई हैं. पीड़िता के पिता के खिलाफ अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज हुआ था.

CJI ने पूछे कई सवाल
CJI ने पूछा कि पीड़ित के पिता की मौत कैसे हुई?
सीबीआई ने बताया कि ये मामला झूठ था. अब इस मामले में पुलिस अधिकारियों पर केस दर्ज किया गया है.

CJI ने पूछा कि चार्जशीट कब दाखिल की गई?
SG ने कोर्ट को बताया कि 11 जून 2017 को दाखिल की गई. 3 केस में चार्जशीट फाइल की जा चुकी है. चौथे केस में अभी फाइल की जानी है.

CJI ने पूछा कि रोड एक्सीडेन्ट की जांच में कितना समय लगेगा?
तुषार मेहता ने कहा अभी सीबीआई इसकी जांच कर रही है. उन्हें कम से कम 1 महीना लगेगा जांच पूरी करने में.

सुप्रीम कोर्ट ने CBI से कहा कि एक महीना बहुत ज्यादा है, आप ट्रक एक्सीडेंट मामले की जांच 7 दिन में पूरा करें. CJI ने सेक्रेटरी जनरल से पीड़िता का पत्र न मिलने के बारे में पूछा.
सेक्रेटरी जनरल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में औसतन 5 हजार पत्र हर महीने आते हैं. रजिस्ट्री को जुलाई महीने में 6,900 लेटर मिले हैं. जिन्हें सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक स्क्रीनिंग की गई थी. रजिस्ट्री 1998 से तय स्क्रीनिंग प्रक्रिया के तहत कार्य करती आ रही है. रजिस्ट्री को पीड़िता के नाम तक की जानकारी नहीं है.

वकील के भाई ने किए कई खुलासे
मामले में वकील महेंद्र सिंह के भाई और चल रही सीबीआई जांच में गवाह देवेंद्र सिंह ने टीवी 9 भारतवर्ष को बताया की इस मामले मे अपराध की अंदेशा और सुरक्षा को लेकर तीन दर्जन से ज़्यादा अप्लिकेशन पुलिस अधिकारी, प्रशासन और अदालत को लिखी है. हालांकि, इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसके चलते जानलेवा हमला हुआ है.

उन्होंने ये भी बताया की सभी आरोपी आपराधिक और सियासी रसूख़ रखते हैं. सुरक्षा की ख़ामी और सरकार की अनदेखी की वजह से पीड़ित परिवार के पांच लोग मार दिए गए, जबकि उनका भाई और पीड़ित ज़िंदगी की जंग लड़ रहे हैं. इनका रसूख़ इतना है कि इन्होंने पुलिस अधिकारी को गोली मारी कुछ नहीं हुआ.

उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर भी हमले किए. अगर इनको शय ना मिली होती तो ऐसा ना होता, योगी सरकर को सीबीआई जांच और सुप्रीम कोर्ट को गम्भीरता से लेने के लिए धन्यवाद देता हूं.

BJP से निकाले गए विधायक सेंगर
उन्नाव गैंगरेप केस में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है. बीजेपी ने आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निकाल दिया है. इससे पहले कुलदीप सिंह को बीजेपी ने निलंबित किया था. सेंगर को पार्टी से निकालने की मांग उन्नाव मामले को लेकर काफी तेज हो गई थी.

सुरक्षा में तैनात तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
उन्नाव गैंगरेप केस में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. लड़की की सुरक्षा में तैनात तीन पुसिलकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. इन्हें लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड किया गया है. जिन पर कार्रवाई हुई है उनके नाम हैं- कॉन्टेबल सुदेश पटेल, सुनीता और रूबी कुमारी.

‘बंद कमरे में भी सुनवाई को तैयार’
कोर्ट ने इस संबंध में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने सीबीआई को कहा कि अगर वो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करना चाहते तो वे बंद कमरे में उक्त मामले की सुनवाई कर सकते हैं.

सॉलिसिटर जनरल फिर से कोर्ट आए और बताया कि उनकी अभी-अभी सीबीआई डायरेक्टर से बात हुई है. डायरेक्टर का कहना है कि केस की जांच लखनऊ में चल रही है, इसलिए रिकॉर्ड वहीं हैं, जैसे ही पहली फ़्लाइट मिलेगी रिकॉर्ड दिल्ली लाया जाएगा.

‘आप निजी फ्लाइट तो रखते होंगे’
इस पर सीजेआई ने एसजी ने कहा कि सीबीआई जरूर अपना स्पेशल फ्लाइट रखती होगी. आप उन्हें फ्लाइट में लेकर ही आइए. साथ ही एसजी भी अपनी निजी फ्लाइट रखते होगें.
इस पर एसजी ने कहा कि मेरे पास ऐसी कोई सुविधा नहीं है. यहां तक की उन्हें आम फ्लाइट में भी टिकट मुश्किल से मिलती है.

सॉलिसिटर जनरल ने इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई करने की भी मांग की थी, लेकिन सीजेआई ने सुनवाई को स्थगित करने से मना कर दिया. बता दें कि पीड़िता की मां ने केस ट्रांसफर करने की मांग की थी.

ये भी पढ़ें-

झारखंड में तीन साल की बच्ची से गैंगरेप, दरिंदों ने मासूम का सिर धड़ से किया अलग

सरकार की BCCI को फटकार- आपके पास नहीं है खिलाड़ियों के डोप टेस्ट का अधिकार

पहले से ही कोमा में हैं CCD फाउंडर वीजी सिद्धार्थ के पिता, जब जानेंगे नहीं रहा बेटा तब होगा क्या?