सुप्रीम कोर्ट ने RBI के NPA से जुड़ा सर्कुलर किया रद्द, डिफॉल्टर कंपनियों को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर समस्या 180 दिन में नहीं दूर होती है तो सभी बैंकर ऐसे एकाउंट से जुड़े दस्तावेजों को NCLT भेजें या उन्हें दिवालिया घोषित करने की कार्रवाई के लिए कोर्ट को प्रेषित करे.

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एक सर्कुलर को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया है. RBI ने बैंकों को सर्कुलर जारी कर कहा था कि 2 हजार करोड़ से ऊपर का लोन लेने वाली कंपनियां अगर उसे चुकाने में 1 दिन का भी विलंब करती हैं तो उन एकाउंट्स को क्लासिफाई करे.

कोर्ट ने कहा था कि अगर समस्या 180 दिन में नहीं दूर होती है तो सभी बैंकर ऐसे एकाउंट से जुड़े दस्तावेजों को NCLT भेजें या उन्हें दिवालिया घोषित करने की कार्रवाई के लिए कोर्ट को प्रेषित करे.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से लोन की राशि समय पर न चुकाने की वजह से दिवालिया होने कर कगार पर पहुंची 75 कंपनियों को राहत मिली है. रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के इस सर्कुलर से इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, आयरन, स्टील और टेक्सटाइल सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.