PMC बैंक खाताधारकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, मिले हाई कोर्ट जाने के निर्देश

याचिका में जमा राशि की निकासी की सीमा तय किए जाने संबंधी रिजर्व बैंक की अधिसूचना को भी निरस्त करने का आग्रह किया गया था.

पंजाब एंड महाराष्ट्र को-आपरेटिव (पीएमसी) बैंक के खाताधारकों को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली. शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ताओं को हाई कोर्ट जाने का निर्देश देते हुए हस्‍तक्षेप से इनकार कर दिया. यह याचिका पीएमसी बैंक में पड़ी खाताधारकों की जमाराशि की सुरक्षा को लेकर अंतरिम उपाय किये जाने से जुड़ी हुई थी.

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के वकील से पूछा कि आप सीधे यहां क्यों आए. इसपर वकील ने कहा कि तीन राज्य गुजरात, मध्य प्रदेश और हैदराबाद हैं, इस वजह से यहां आना पड़ा. दूसरी तरफ, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि “सरकार ध्यान दे रही है. मेरे पास याचिका नहीं है, मुद्दा क्या है पता नहीं.”

वकील याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा कि “हमें संरक्षण दिया जाए, ताकि हमें पैसा वापस मिल सके.” इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया.

बैंक में जमा धन रहे सुरक्षित
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक को निर्देश देने की बात कही गई है. ताकि, राष्ट्रीयकृत बैंकों सहित विभिन्न सहकारी बैंकों में रखी खाताधारकों की खून पसीने की कमाई की पूरी तरह से सुरक्षा और बीमा होना चाहिए.

याचिका में जमा राशि की निकासी की सीमा तय किए जाने संबंधी रिजर्व बैंक की अधिसूचना को भी निरस्त करने का आग्रह किया गया है. साथ ही बैंकों में जमा राशि की शत प्रतिशत सुरक्षा के लिए उचित उपाय और बीमा कवरेज सुनश्चित किए जाने के लिए कहा गया है.

बैंक खाताधारकों को मिला आश्वासन
पिछले दिनों कम से कम तीन ऐसी मौतें हुई हैं जिनका जुड़ाव पीएमसी बैंक से बताया जा रहा है. वहीं, पीएमसी बैंक के प्रशासक ने रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास सहित शीर्ष पदाधिकारियों से मुलाकात की है और बैंक के खाताधारकों को आश्वासन दिया है कि उनके हितों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे.

पीएमसी बैंक में 4,355 करोड़ रुपये के घोटाले की बात कही जा रही है. इसे देखते हुए रिजर्व बैंक ने बैंक पर लेनदेन संबंधी कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं. खाताधारकों के लिए बैंक खाते से छह महीने में नकदी निकासी सीमा 40,000 रुपये तय कर दी गई है. इससे पहले यह राशि काफी कम रखी गई थी.

अदालत के बाहर खाताधारकों का प्रदर्शन
दूसरी तरफ, कई खाताधारकों ने अदालत के बाहर बैंक के खिलाफ प्रदर्शन किया. खाताधारकों की मांग है कि उनका धन तुरंत लौटाया जाना चाहिए. दिल्ली में भी रिजर्व बैंक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन हुआ है. पीएमसी के खाताधारक पिछले कई दिनों से परेशान हैं.

मालूम हो कि बैंक के 9,000 करोड़ रुपये के कुल कर्ज में कथित तौर पर 70 प्रतिशत कर्ज अकेले एचडीआईएल को ही दिया गया था. यह कर्ज एनपीए बन गया था लेकिन आरोप है कि बैंक प्रबंधन ने इसे आरबीआई की जांच पड़ताल से छुपाकर रखा.

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