सबरीमाला केस: मंदिर में प्रवेश से रोकी गई महिला की याचिका पर SC अगले हफ्ते करेगा सुनवाई

इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट के समक्ष मेंशनिंग करते हुए कहा, "बिंदु पर पुलिस कमिश्नर आफिस के बाहर भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने मिर्ची स्प्रे किया था.

सुप्रीम कोर्ट केरल के सबरीमाला मंदिर में महिला को प्रवेश करने से रोके जाने के खिलाफ दायर की गई याचिका पर अब अगले हफ्ते सुनवाई करेगा.

यह याचिका केरल की एक्टिविस्ट बिंदु अम्मिनी ने दायर की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि उच्च न्यायालय के फैसले के बाद भी उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से रोका गया है. इतना ही नहीं मंदिर में प्रवेश करते वक्त उन पर हमला भी किया गया था.

याचिकाकर्ता की तरफ वकील वकील इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट के समक्ष मेंशनिंग करते हुए कहा, “बिंदु पर पुलिस कमिश्नर आफिस के बाहर भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने मिर्ची स्प्रे किया था. उसे मंदिर में जाने के लिए पुलिस सहायता नहीं दी गई. यहां तक की अधिकारी भी महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व के फैसले पर रोक नहीं लगाई है. मंदिर जल्द ही बंद हो जाएगा और वह मंदिर जाना चाहती है.

इंदिरा जयसिंह की दलील पर सीजेआई ने कहा, “पिछला फैसला अंतिम नहीं है. मंदिर में महिलाओं के सुरक्षित प्रवेश को लैकर कोर्ट दाखिल याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करेगा”.

मालूम हो कि पांच जजों की संविधान पीठ ने पिछले साल सितंबर में दिए गए फैसले में केरल के सबरीमला में भगवान अयप्पा के मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी थी. पीठ ने कहा था, “शारीरिक संरचना के आधार पर भेदभाव करना समानता के अधिकार जैसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है”.

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