SC ने कहा- अमरनाथ यात्रा के दौरान कोरोना को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों पर फैसला लेना केंद्र का काम

अमरनाथ बर्फानी लंगर संगठन ने याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया कि यात्रा में सालाना दस लाख से ज्यादा भक्त आते हैं, जिससे उनमें कोरोना फैलने का खतरा बना रहेगा. लंगर ऑर्गेनाइजेशन ने कहा है कि यात्रा पर रोक लगाना श्रद्धालुओं के हित में भी है.
Amarnath Yatra, SC ने कहा- अमरनाथ यात्रा के दौरान कोरोना को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों पर फैसला लेना केंद्र का काम

कोरोना का हवाला देते हुए अमरनाथ यात्रा को टालने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अमरनाथ यात्रा का आयोजन और उसके दौरान स्वास्थ्य के लिए बरती जाने वाली सावधानियों पर फैसला लेना सरकार का काम है. ऐसा करते वक्त सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जाए.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जम्मू कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश बन चुका है, जहां कोरोना को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन लागू होती है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट इसमें कोई दखलअंदाजी नहीं करेगा. दरअसल कोरोना संकट काल में इस साल होने वाली अमरनाथ यात्रा पर रोक लगाने और भगवान के दर्शन इंटरनेट और टीवी पर लाइव दिखाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी.

याचिका अमरनाथ बर्फानी लंगर संगठन ने दायर की है, जिसमें कहा गया कि यात्रा में सालाना दस लाख से ज्यादा भक्त आते हैं, जिससे उनमें कोरोना फैलने का खतरा बना रहेगा. लंगर ऑर्गेनाइजेशन ने कहा है कि यात्रा पर रोक लगाना श्रद्धालुओं के हित में भी है.

साथ ही लंगर ऑनाइजेशन ने सलाह दी है कि मौजूदा हालातों को देखते हुए न तो श्रद्धालुओं के लिए और न ही प्रशासन के लिए यात्रा करवाना सही है. इसमें पुलिस, सुरक्षाबल, श्रमिकों, घोड़ेवालों, सामान ढोने वालों और दुकानदारों का एक जगह इकट्ठा होना नि:संदेह कोविड के कारण से सही नहीं है. इसीलिए यात्रा इस बार आयोजित नहीं होनी चाहिए.

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