सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पहले पीड़ितों को मुआवजा दे इटली, फिर मामला वापस लेने की देंगे इजाजत

इटली के दो नौसैनिकों पर 15 फरवरी 2012 को केरल के तट पर दो निहत्थे भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है.
Italy Marines case, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पहले पीड़ितों को मुआवजा दे इटली, फिर मामला वापस लेने की देंगे इजाजत

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि 2012 में केरल के तट पर दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या करने वाले इटली के दो नौसैनिकों का केस तभी बंद किया जा सकता है जब वह (इटली) पीड़ितों के परिवार को हुए नुकसान की भरपाई के तौर पर मुआवजा दे. चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने कहा, “पहले इटली उन्हें मुआवजा दे. तभी हम मुकदमा वापस लेने की अनुमति देंगे.”

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह संयुक्त राष्ट्र ट्रिब्यूनल के फैसले के मद्देनजर इन मामलों को वापस लेने की इजाजत दे. उन्होंने कहा कि इटली ने आश्वासन दिया है कि वह नौसैनिकों पर आपराधिक मुकदमा चलाएगा.

हालांकि अदालत ने कहा है कि पहले मछुआरों के परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए. चीफ जस्टिस ने कहा, “चेक और पीड़ितों के रिश्तेदारों को यहां लाया जाए.” अदालत ने केंद्र से कहा है कि वह एक सप्ताह के भीतर मामले में पीड़ित के परिवार के लिए एक आवेदन दायर करे.

UN ट्रिब्यूनल ने कहा था- भारत है मुआवजे का हकदार

हेग स्थित परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (पीसीए) ने हाल ही में फैसला सुनाया था कि इटली के नौसैनिकों ने प्रतिरक्षा का हवाला दिया है, इसलिए उनका ट्रायल भारतीय अदालतों में नहीं किया जा सकता है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र के ट्रिब्यूनल ने कहा कि “भारत मछली पकड़ने वालों की नाव के कप्तान और अन्य चालक दल के सदस्यों को हुए जानमाल की हानि, शारीरिक नुकसान, संपत्ति को नुकसान और नैतिक नुकसान के संबंध में मुआवजे का हकदार है.”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मामलों को वापस लेने की अनुमति देने से पहले वह पीड़ित परिवारों की सुनवाई करेगा. वहीं केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि इटली ने एक पत्र में कहा है कि दोनों नौसैनिकों पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा और परिवारों को अधिकतम मुआवजा दिया जाएगा.

इटली के दो नौसैनिकों पर 15 फरवरी 2012 को केरल के तट पर दो निहत्थे भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है. दोनों नौसैनिकों ने केरल हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि उनका मामला केरल में ही चलाया जा सकता है.

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