PM मोदी की यह उदारता थी कि मेरे पिता को साथ काम करने का दिया प्रस्ताव: सुप्रिया सुले

सुप्रिया सुले ने कहा, "महाराष्ट्र में व्यक्तिगत संबंधों का काफी महत्व होता है. भले ही वैचारिक मतभेद हों."

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साथ काम करने का प्रस्ताव दिया था. पवार ने सोमवार को एक मराठी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि ‘मोदी ने मुझे साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था.’

इस पर शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कहा है कि यह पीएम मोदी की ‘उदारता’ थी लेकिन मेरे पिता ने ‘विनम्रतापूर्वक’ मना कर दिया था. उन्होंने एनडीटीवी इंडिया से खास बातचीत में कहा, “मैं इस मीटिंग में नहीं थी. यह दो वरिष्ठों के बीच थी. यह पीएम मोदी की उदारता था कि उन्होंने ऐसा प्रस्ताव दिया.”

सुप्रिया सुले ने कहा, “महाराष्ट्र में व्यक्तिगत संबंधों का काफी महत्व होता है. भले ही वैचारिक मतभेद हों. लेकिन आपने पवार जी को सुना होगा कि उन्होंने क्या कहा- मैंने विनम्रतापूर्वक न कह दिया. पवार जी सिर्फ मेरे पिता नहीं हैं वह मेरे बॉस भी हैं. और जैसा कि आप जानते हैं कि बॉस हमेशा सही होते हैं.”

गौरतलब है कि पवार ने कहा था कि पीएम मोदी ने उन्हें साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया. पवार ने ऐसी खबरों को खारिज कर दिया कि मोदी सरकार ने उन्हें देश का राष्ट्रपति बनाने का प्रस्ताव दिया था.

एनसीपी प्रमुख ने कहा, “लेकिन, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में सुप्रिया सुले को मंत्री बनाने का एक प्रस्ताव जरूर मिला था.”

शरद पवार ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि (पवार) परिवार में क्या किसी ने (अजित पवार से फडणवीस को समर्थन देने के उनके फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए) बात की थी, लेकिन परिवार के सभी का मानना था कि अजित ने गलत किया.

उन्होंने कहा, “बाद में मैंने उनसे कहा कि जो कुछ भी उन्होंने किया वह क्षम्य नहीं है. जो कोई भी ऐसा करेगा उसे परिणाम भुगतान होगा और आप अपवाद नहीं हैं.”

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