surrogacy-bill, ख़त्म होगा किराए की कोख का कानून! जानें क्या है सरोगेसी बिल
surrogacy-bill, ख़त्म होगा किराए की कोख का कानून! जानें क्या है सरोगेसी बिल

ख़त्म होगा किराए की कोख का कानून! जानें क्या है सरोगेसी बिल

surrogacy-bill, ख़त्म होगा किराए की कोख का कानून! जानें क्या है सरोगेसी बिल

नयी दिल्ली
शौक या अपने फिगर को मेन्टेन रखने वालों के लिए किराए की कोख लेना अब दूर की कौड़ी हो जायेगी. देश में सरोगसी के व्यावसायिक इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबन्ध लगा दिया गया है. आइये जानते हैं हाल में लोकसभा में पारित हुए सरोगेसी (रेगुलेशन) बिल 2016 के बारे में वो सब कुछ जो आपके लिए जरूरी है…

क्या है सरोगेसी
जब कोई कपल किन्ही वजहों के चलते माँ बाप नहीं बन पाता तो उनका किसी महिला की कोख को किराए पर लेकर बच्चा हासिल करना सरोगसी कहलाता है. जिस महिला की कोख किराए पर ली जाती है उसे सरोगेट मदर कहा जाता है. सरोगेसी दो तरह की होती है. पहली ट्रेडिशनल और दूसरी गेस्टेशनल. ट्रेडिशनल सरोगेसी के तहत किराए की कोख में आर्टिफीशियल तरीके से होने वाले पिता के शुक्राणु डाले जाते हैं जबकि गेस्टेशनल में बच्चा चाहने वाले माँ-बाप के क्रमशः एग और शुक्राणु किराए की कोख में डाले जाते हैं.

किराए की कोख अब करीबियों की ही

  • हेल्थ मिनिस्टर जेपी नड्डा के मुताबिक़ किराए की कोख चुनने वालों को 90 दिन के अंदर इनफर्टिलिटी का सर्टिफिकेट देना  जरूरी होगा.
  • अनमैरिड कपल, सिंगल पैरेंट, लिव इन में रहने वाले लोग और ट्रांसजेंडर अब सरोगेसी के जरिये बच्चा हासिल नहीं कर पाएंगे.
  • सरोगेसी के लिए भारत का नागरिक होना अनिवार्य है.
  • किराए की कोख लेने वाला कपल कम से कम पांच साल से शादीशुदा हो.
  • इसके दायरे में 23 से 50 साल की महिलाएं और 26 से 55 तक के पुरुष आएंगे.
  • सरोगसी से जन्मे बच्चों के सारे अधिकार (मसलन सम्पति आदि के) वैसे ही होंगे जैसे, कपल से खुद से जन्मे बच्चों के होते हैं.
  • बेबी चाहने वाले कपल की करीबी रिश्तेदार, जो अनमैरिड हो, वही सरोगेट मदर बन सकती है. वो भी सिर्फ एक बार.
  • कम से कम 25 साल तक सरोगेसी क्लीनिकों को अपना रिकॉर्ड रखना अनिवार्य किया गया है.
  • फॉरेनर्स और एनआरआई इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.
  • नियम तोड़ने पर पांच से दस साल तक की सजा और दस लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

इसलिए था जरूरी

  • नवजात किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होता तो उसे लेने से इंकार कर दिया जाता.
  • जन्म देने के बाद कई मर्तबा सरोगेट मदर उसे देने से इनकार कर देती थी.
  • ग्रामीण महिलाओं के शोषण की संभावनाएं बनी रहती थीं.
surrogacy-bill, ख़त्म होगा किराए की कोख का कानून! जानें क्या है सरोगेसी बिल
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