संसद परिसर में तकिया और चादर लेकर धरने पर बैठे निलंबित सांसद, बोले- हम यहां से हिलेंगे नहीं

विपक्षी दल जैसे कांग्रेस, सीपीएम, शिवसेना, जेडीएस, टीएमसी, सीपीआई, और समाजवादी पार्टी के नेता संसद परिसर में “मर्डर ऑफ डेमोक्रेसी”, “डेथ ऑफ पार्लियामेंट” और “शर्म की बात”, जैसे पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:25 am, Tue, 22 September 20

राज्यसभा में कृषि विधेयकों पर चर्चा के दौरान अपने “अनियंत्रित व्यवहार” के चलते आठ विपक्षी सांसदों को मानसून सत्र के शेष भाग के लिए निलंबत कर दिया गया है. राज्यसभा सभापति की इस कार्रवाई के खिलाफ विपक्षी सांसद संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के नीचे अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे हैं.

विरोध स्थल पर तकिए और चादर ले जाते हुए, सांसदों ने कहा “हम यहां से हिलेंगे नहीं.” सीपीआई (एम) के सांसद एलाराम करीम ने कहा, “निलंबन पर हम चुप नहीं बैठेंगे. हम किसानों की लड़ाई में उनके साथ खड़े होंगे. राज्यसभा के उपसभापति ने संसदीय प्रक्रियाओं को पालन नहीं किया है.”

विपक्षी दल जैसे कांग्रेस, सीपीएम, शिवसेना, जेडीएस, टीएमसी, सीपीआई, और समाजवादी पार्टी के नेता संसद परिसर में “मर्डर ऑफ डेमोक्रेसी”, “डेथ ऑफ पार्लियामेंट” और “शेम” शर्म की बात है,” जैसे पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

सांसदों के लिए की गई एंबुलेंस की व्यवस्था

ऑनलाइन मीडिया के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि विरोध करने वाले सदस्यों के लिए एक एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है. साथ ही रात भर स्थल पर रहने के चलते वहां पीने के पानी की भी व्यवस्था की गई है.

वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, “देश के करोड़ों किसानों जगो! बीजेपी सरकार ने अडानी-अंबानी के लिए आपके जीवन को गिरवी रख दिया है. इस काले कानून का विरोध करें. हम संसद में एक आंदोलन पर हैं. आप बाहर आंदोलन कर रहे हैं. बीजेपी सरकार ने किसानों के खिलाफ एक काला कानून पारित किया है. हमें विधेयक का विरोध करने के लिए निलंबत किया गया है.”

क्या था मामला?

मालूम हो कि रविवार को राज्यसभा में कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 पर चर्चा के दौरान हंगामा इतना बढ़ गया था कि विपक्ष के राज्यसभा सांसद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की कुर्सी के बगल तक आ गए.

हंगामे के दौरान टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन उपसभापति के पास जाकर संसद की रूल बुक को फाड़ दिया और माइक को छीनने की कोशिश भी की थी. वहीं AAP सांसद संजय सिंह ने माइक तोड़ दिया था.

वहीं इस मामले पर सोमवार को बीजेपी सांसदों की शिकायत के बाद सभापति ने डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, राजू सातव, के के रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, नसीर हुसैन और एलमरन करीम को सभापति वैंकेया नायडू ने एक हफ्ते के लिए राज्यसभा से सस्पेंड कर दिया.