‘बुर्के में महिलाओं को देख डर लगता है’, स्‍वामी अग्निवेश बोले- पूरी दुनिया में लगे बैन

श्रीलंका में ईस्‍टर बम धमाकों के बाद वहां पर महिलाओं के चेहरा ढंकने पर रोक लगा दी गई है.

नई दिल्‍ली: सामाजिक कार्यकर्ता स्‍वामी अग्निवेश ने ‘बुर्के पर प्रतिबंध’ की वकालत की है. उन्‍होंने कहा कि “घूंघट और बुर्का, दोनों पर प्रतिबंध लगना चाहिए. बुर्के में कोई ऐसा लगता है कि जैसे कोई जंतु हो. अजीब सा लगता है और डर लगता है. भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में इसपर प्रतिबंध के लिए मुस्लिम महिलाओं को आगे आना चाहिए. कम से कम श्रीलंका की घटना के बाद एक सुधार तो होना चाहिए.”

अग्निवेश ने राजस्‍थान और हरियाणा में बिताए वक्‍त का जिक्र किया और कहा कि वह वहां की महिलाओं से पर्दा छोड़ने को कहते रहे हैं. उन्‍होंने कहा, “जब मैं राजस्‍थान और हरियाणा जाता हूं, मैं सरपंचों से घूंघट में मिलता हूं. मैं उनसे घूंघट त्‍यागने को कहता हूं क्‍योंकि वे घूंघट में बैठी रहती हैं और उनके पति सत्‍ता का इस्‍तेमाल करते हैं.”

‘साध्‍वी प्रज्ञा संन्‍यासी नहीं’

अग्निवेश ने भोपाल से भाजपा उम्‍मीदवार साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर की दावेदारी पर भी सवाल उठाए. उन्‍होंने कहा, “जब साध्‍वी प्रज्ञा जेल में थीं तो बीमार थीं और व्‍हीलचेयर पर थीं, मगर लोकसभा चुनाव के लिए भोपाल से उनकी उम्‍मीदवार की घोषणा के बाद, वह पूरी तरह फिट लग रही हैं. वह किसी भी लिहाज से संन्‍यासी नहीं हैं क्‍योंकि संन्‍यासी सबसे पहले गुस्‍सा नियंत्रण में रखना सीखते हैं.

ईस्‍टर बम धमाकों के बाद श्रीलंका में चेहरा ढंकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके बाद भारत में भी कुछ हिस्‍सों से ऐसी मांग उठी थी. मशहूर गीतकार जावेद अख्‍तर ने भोपाल में कहा था कि अगर देश में बुर्के पर प्रतिबंध लगता है तो घूंघट पर भी लगना चाहिए.

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