तलाशी लेने वाले IAS को सस्पेंड कर मोदी और चुनाव आयोग ने छवि सुधारने का मौका गंवाया – कुरैशी

यह बात कुरैशी ने अपने एक लेटर में लिखी है, जिसका स्क्रीनशॉट उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए इस मामले पर अपनी राय साझा की है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चॉपर की तलाशी लेने पर निलंबित किए गए आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसीन के मामले के बाद पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ. एस. वाई. कुरैशी ने एक बड़ी बात कह दी है. कुरैशी ने कहा है कि पीएम के चॉपर की तलाशी करने पर  मुस्लिम आईएएस अधिकारी  मोहम्मद मोहसिन के निलंबन के बाद  पीएम मोदी और चुनाव आयोग ने छवि सुधारने का बड़ा मौका गंवा दिया है.

यह बात कुरैशी ने अपने एक लेटर में लिखी है, जिसका स्क्रीनशॉट उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है.

कुरैशी ने लिखा, “आईएएस अधिकारी का निलंबन, जो कि ओडिशा में चुनाव निरीक्षण पर था, पीएम नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने पर उसे निलंबित कर दिया गया. यह केवल दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं है बल्कि इससे चुनाव आयोग और पीएम ने एक अच्छा मौका गंवा दिया है. ये दोनों  ही संस्थाएं लोगों की नजरों में हैं. पीएम बार-बार आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और चुनाव आयोग बार-बार इसकी अनदेखी कर रहा है. पीएम के चॉपर की इस जांच का उपयोग ये दिखाने के लिए किया जाना चाहिए था कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं. “

इसी के साथ कुरैशी ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तारीफ भी की, जिन्होंने जांच अधिकारियों को बिना किसी विरोध के अपने चॉपर की तलाशी करने दी. कुरैशी ने कहा कि “यह आचरण हमारे राजनेताओं में होना चाहिए. मिस्टर पटनायक आपको सलाम.”

वहीं चुनाव के दौरान कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी और बीजेपी नेता बीएस येदयूरप्पा के भी चॉपर की तलाशी ली गई थी और इन दोनों नेताओं ने भी बिना किसी विरोध के अपने चॉपर की तलाशी होने दी.

आपको बता दें कि 16 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) के हेलिकॅाप्टर की तलाशी लेने के मामले में चुनाव आयोग ने 1996 बैच के IAS अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को निलंबित कर दिया गया था. चुनाव आयोग (EC) ने ‘एसपीजी सुरक्षा’ के चुनाव आयोग के निर्देशों के उलट काम करने के लिए उन्हें निलंबित किया था.

कौन हैं मोहम्मद मोहसिन?

  • मोहम्मद मोहसिन का जन्म साल 1969 में हुआ और वह पटना के निवासी हैं.
  • मोहसिन ने पटना युनिवर्सिटी से एम कॉम की पढ़ाई की है.
  • मोहसिन, साल 1994 में दिल्ली में UPSC की तैयारी के लिए आए. पहली बार में उन्हें सफलता नहीं मिली.
  • बाद में वो UPSC परीक्षा में सफल रहे. लेकिन नंबर कम आने के कारण वह IAS नहीं बन सके. मोहसिन 1996 के बैच में IAS अधिकारी बने.
  • मोहसिन ने अपनी पढ़ाई उर्दू स्टडीज में की थी.
  • मोहम्मद मोहसिन कर्नाटक कैडर के IAS हैं और कर्नाटक सरकार में वो सोशल वेलफेयर विभाग के सचिव हैं.
  • वह कर्नाटक सरकार के शिक्षा और अन्य विभागों में अधिकारी रह चुके हैं. साथ ही वह कई अन्य प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं.
  • करियर के शुरुआत में वह SDM थे. बाद में वह जिला पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में डिप्टी कमिश्नर जैसे कई पदों पर रहे.

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